उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत ने देवेंद्र चम्याल व भगवती भोज को दोषमुक्त करार दिया है।
हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी-
दोनों पर पांच साल पहले धारी के तहसीलदार के सरकारी वाहन को जलाने व जगह-जगह प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के पोस्टर लगाने और माओवादी गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोप लगे थे। कोर्ट में विचारण के दौरान मामले की चार पुलिस अधिकारियों ने विवेचना की लेकिन यह साबित नहीं कर सके कि पोस्टर पंफलेट किसने चिपकाए। स्वतंत्र साक्षी भी यह साबित करने में नाकाम रहा कि पकड़ा गया व्यक्ति देवेंद्र चम्याल है। नौ मार्च को अदालत ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद दोनों आरोपितों को रिहा करने के आदेश दिए हैं। अब सरकार निचली अदालत के इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है।