उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में जनवरी के महीने में पहाड़ के ग्रामीण, बारिश की बूंद-बूंद और बर्फ के फाहों के लिए तरस रहे हैं।
उत्तराखंड में बीता ढाई महीना बारिश के लिहाज से सूखा गुजरा
ऐसे में उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई है। जिससे लोग परेशान हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मौसम की ऐसी बेरुखी से परेशान चमोली के ग्रामीणों ने अब देवी-देवताओं और प्रकृति की आराधना करते हुए बारिश-बर्फबारी के लिए ‘उच्याणा’ रखा है। वहीं शनिवार को चमोली जिले की वाण ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने चौपाल बुलाई। इस चौपाल में लोगों ने लाटू देवता और मां नंदा देवी से सामूहिक मन्नत (उच्याणा) मांगी। साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि जब भी संकट आता है तो वे आराध्य देवों की शरण में जाते हैं। बारिश-बर्फबारी के लिए प्रकृति, देवी-देवताओं से अनुनय-विनय करना, शुभ कार्य के लिए उच्याणा रखना, लोक आस्था और प्रकृति के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक है। यह सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पहाड़ों की उस सामूहिक संस्कृति की भी पहचान है, जहां आज भी संकट के समय पूरा समाज एक सूत्र में बंध जाता है।