उत्तराखंड: ‘राह-वीर योजना’ बनी दुर्घटना पीड़ितों के लिए जीवनदायिनी, घायलों को अस्पताल पहुँचाने पर अब मिलेंगे इतने हजार रुपए

उत्तराखंड: उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान ‘गोल्डन ऑवर’ में उपचार न मिलने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए केंद्र सरकार की ‘गुड सेमेरिटन’ योजना प्रभावी साबित हो रही है।

इतने लोग सम्मानित

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदेश सरकार ने अब इस योजना का नाम बदलकर ‘राह-वीर योजना’ कर दिया है और प्रोत्साहन राशि में भारी बढ़ोतरी की है। वहीं मानवता की मिसाल पेश करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने पुरस्कार राशि को ₹11,000 से बढ़ाकर अब ₹25,000 कर दिया है। योजना का मुख्य उद्देश्य आम जनता को बिना किसी कानूनी डर के दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए प्रेरित करना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदेश में अब तक कुल 42 लोग अपनी सजगता से घायलों की जान बचा चुके हैं। जिस पर परिवहन विभाग अब तक 30 लोगों को पुरस्कृत कर चुका है। 12 अन्य नागरिकों के नाम सम्मान के लिए भेजे गए हैं। इस योजना की शुरुआत 3 अक्टूबर 2021 को हुई थी, जबकि 21 अप्रैल 2025 को इसका नाम बदलकर ‘राह-वीर योजना’ किया गया।

जिलेवार सम्मानित नागरिकों का विवरण

• ​नैनीताल: 25
• ​हरिद्वार: 02
• ​देहरादून, टिहरी और पौड़ी: 01-01