उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में कुमाऊं हिमालय में हिम तेंदुए और अल्पाइन पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण पर चल रहे शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
कैमरे में कैद हुई तस्वीर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुंदरढूंगा घाटी में करीब 3,010 मीटर की ऊंचाई पर एक बंगाल टाइगर की दुर्लभ मौजूदगी ट्रैप कैमरा में कैद हुई है। इसके साथ ही शोधकर्ताओं ने वन्यजीव जगत के लिए अत्यंत दुर्लभ और आश्चर्यजनक रिकॉर्ड दर्ज किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कैमरा ट्रैप में कैद हुई यह छवि इस क्षेत्र से अब तक की सबसे पुष्ट उच्च-ऊंचाई उपस्थिति का प्रमाण है। इस खोज पर आधारित एक संक्षिप्त शोध-पत्र को प्रकाशन के लिए स्वीकार भी किया गया है। बागेश्वर जिले के पिंडारी सुंदरढूंगा और कफनी क्षेत्र में हिम तेंदुए का पता लगाने के लिए 55 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। वन विभाग के शोधकर्ता वैज्ञानिक रजत जोशी और उनके सहायक इसकी निगरानी कर रहे हैं।
जानें इनके बारे में
बंगाल टाइगर अपनी खूबसूरती, ताकत और अनोखी पहचान के लिए जाना जाता है, जिसकी खासियतें हैं उसकी नारंगी खाल पर काली धारियां (जो हर बाघ में अलग होती हैं), जबरदस्त शिकारी कौशल, बेहतरीन तैराकी क्षमता, और अपने इलाके (टेरिटरी) के प्रति संवेदनशीलता है। वहीं बंगाल उप-प्रजाति में दुर्लभ सफ़ेद बाघ जीन भी पाया जाता है। ये “सफ़ेद बाघ” आनुवंशिक उत्परिवर्तन के कारण सफ़ेद कोट और नीली आँखों के साथ पैदा होते हैं।