उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में बढ़ते सड़क हादसे एक बड़ा चिंता का विषय है। ऐसे में अब केंद्र सरकार के निर्देशों के क्रम में राज्य परिवहन विभाग बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है।
तकनीकी रूप से अयोग्य वाहनों के कारण बनते जोखिम को गंभीरता से लिया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी क्रम में अब प्रदेश के हर जिले में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से वाहनों की फिटनेस जांच पूरी तरह स्वचालित, पारदर्शी और मानक आधारित होगी। परिवहन विभाग इस योजना को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर भी लागू करेगा, जिससे निजी क्षेत्र की तकनीकी दक्षता और सरकारी निगरानी का समन्वय सुनिश्चित हो सके। इसी क्रम में राज्यों में भी सभी जिलों में ऐसे केंद्र खोलने की अपेक्षा की गई है। उत्तराखंड में इस समय सात स्थानों पर निजी क्षेत्र के सहयोग से आटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इनमें विकासनगर, डेाईवाला, हरिद्वार, रुद्रपुर, हल्द्वानी व टनकपुर शामिल हैं।
वहीं, विभाग ने छह स्थानों पर इसके लिए योजना प्रस्तावित की है। ये स्थान कोटद्वार, ऋषिकेश, अल्मोड़ा, पौड़ी, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ हैं।