उत्तराखंड: आज शीतकाल के लिए बंद हुए विश्व प्रसिद्ध पंचकेदारों में शामिल तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट, एशिया महाद्वीप का सबसे ऊंचाई पर स्थित शिवालय, जानें

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध पंचकेदारों में शामिल तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट आज शीतकाल के लिए बंद हो गये है।

कपाट बन्द

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट आज गुरूवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे शुभ मुहूर्त में शीतकाल के लिए बंद हो गये हैंं। कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली ने प्रथम पड़ाव चोपता के लिए प्रस्थान किया। इस अवसर पर मंदिर को फूलों से सजाया गया था। साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ भी उमड़ी। इस अवसर पर बाबा तुंगनाथ जी की जय घोष से वातावरण गूंज उठा।

भगवान शिव के भुजाओं की होती है पूजा

तुंगनाथ पर्वत पर स्थित इस मंदिर की ऊंचाई 3640 मीटर है। समुद्रतल से 12,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार तुंगनाथ एशिया महाद्वीप का सबसे ऊंचाई पर स्थित शिवालय है। तुंगनाथ मंदिर पंचकेदार (तुंगनाथ, केदारनाथ,मध्य महेश्वर, रुद्रनाथ और कल्पेश्वर) में सबसे ऊंचाई पर स्थित है। मान्यता है कि इसी स्थान पर शिवजी भुजा रूप में विद्यमान हैं। इसलिए प्राचीनकाल के इस मंदिर में भगवान शिव के भुजाओं की पूजा होती है।