उत्तराखंड: उत्तराखंड के नेपाल सीमा से सटे 40 गांवों के भौतिक सत्यापन के साथ होगी यह पहल, एक क्लिक में पढ़िए

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों को प्रथम गांव मानते हुए खास पहल शुरू की जा रही है।

वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2.0

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस उद्देश्य से संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2.0 में सम्मिलित उत्तराखंड के नेपाल सीमा से सटे 40 गांवों का भौतिक सत्यापन कर वहां से जुड़ी प्रत्येक जानकारी वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के पोर्टल में अपलोड की जाएगी। इस क्रम में केंद्र सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक गांव के लिए नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। फिर वहां के लिए विभिन्न योजनाओं का खाका खींचा जाएगा।

यह गांव शामिल

रिपोर्ट्स के मुताबिक वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के पहले चरण में चीन सीमा से सटे उत्तराखंड के चमोली, पिथौरागढ़ व उत्तरकाशी के 51 गांवों को शामिल किया गया। जिसमें प्रथम चरण में वहां 186.16 करोड़ रुपये की लागत की 184 योजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें से 162 में काम जारी है। वहीं अब केंद्र सरकार ने चीन के अलावा अन्य देशों से सटी सीमा से लगे गांवों के लिए वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2.0 शुरू किया है। इसमें राज्य के नेपाल सीमा से सटे चंपावत, पिथौरागढ़ व ऊधम सिंह नगर जिलों के छह ब्लाक के 40 गांव शामिल किए गए हैं।