उत्तराखंड: नर्सिंग-पैरामेडिकल दाखिलों में अब यह व्यवस्था खत्म, पूरे राज्य में होगी अब एक ही परीक्षा और काउंसलिंग

उत्तराखंड: उत्तराखंड में नर्सिंग और पैरामेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है।

एक होगी परीक्षा

अब शासन ने वर्षों से चली आ रही व्यवस्था को खत्म करते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रवेश प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब राज्य के सभी सरकारी और निजी संस्थानों में दाखिले के लिए केवल एक ‘कॉमन प्रवेश परीक्षा’ आयोजित की जाएगी। अब अलग-अलग संस्थानों के चक्कर काटने के बजाय छात्रों को एक ही केंद्रीकृत परीक्षा और काउंसलिंग प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके अलावा निजी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थानों की मैनेजमेंट सीटों पर भी अब विश्वविद्यालय की मेरिट और काउंसलिंग के जरिए ही प्रवेश होगा। सीट आवंटन पूरी तरह से निर्धारित नियमों और पारदर्शी प्रणाली के तहत किया जाएगा।

​जानें क्यों लेना पड़ा यह फैसला

​प्रदेश में अभी तक ‘दोहरी प्रवेश प्रणाली’ लागू थी। राज्य के 50 से अधिक निजी कॉलेजों में 50% सीटें राज्य कोटे की होती थीं, जिन्हें विश्वविद्यालय भरता था। वहीं, शेष 50% मैनेजमेंट सीटों के लिए निजी कॉलेज अपनी अलग परीक्षा कराते थे। हालांकि इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने बहुत पहले ही शत-प्रतिशत सीटें केंद्रीकृत प्रणाली से भरने के निर्देश दिए थे, लेकिन निजी कॉलेजों के विरोध के कारण यह मामला अटका हुआ था। इस प्रक्रिया के लिए ‘उत्तराखंड अनानुदानित निजी व्यवसायिक शिक्षण संस्थान संशोधन अधिनियम 2018’ के प्रावधान प्रभावी रहेंगे।