उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड सहकारी समिति ने मृत किसानों का 49.22 करोड़ का ब्याज ऋण माफ कर दिया है। उत्तराखंड में ऐसे 31 हजार से ज्यादा मृत किसान हैं। यह ऋण माफ ‘एकमुश्त समाधान’ योजना के तहत किए गए हैं।
उत्तराखंड सहकारी समिति ने किया ‘एकमुश्त समाधान’ योजना का शुभारंभ
उत्तराखंड सहकारी समिति ने मृत किसानों के लोन का ब्याज माफ करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने ‘एमपैक्स, एकमुश्त समाधान’ योजना (MPACS OTS) का शुभारंभ किया। योजना के तहत प्रदेश भर में 30 सितंबर तक ब्याज माफ अभियान चलाया जाएगा, ताकि मृत किसानों के परिजन कृषि लोन का मूलधन जमाकर लोन से मुक्ति पा सकें। सहकारी समिति से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में कुल 31 हजार 221 मृत किसान बकायेदार हैं, जिनपर ब्याज सहित 123 करोड़ 40 लाख रुपए बकाया है।
मृत किसानों के परिजनों को मिली बड़ी राहत
दरअसल, आजादी के बाद से उत्तराखंड के जिन किसानों ने कृषि लोन लिया था और लोन चुकाने से पहले ही उनका निधन हो गया, उनकी जानकारी समिति के पास मौजूद है। सरकार का कहना है कि ऐसे मृत किसानों के परिजन समिति के योजनाओं के तहत अन्य लोन नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे में समिति ने मृत किसानों के परिजनों को बड़ी राहत देने का फैसला लिया है।
8 जुलाई से शुरू अभियान 30 सितंबर तक रहेगा जारी
समिति ने ‘बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समिति, एकमुश्त समाधान’ योजना (MPACS OTS) की शुरुआत की है। 8 जुलाई से शुरू अभियान 30 सितंबर तक जारी रहेगी। इस अभियान के तहत मृत किसानों का 49 करोड़ 22 लाख 67 हजार रुपए का ब्याज माफ किया जाएगा। कुल 31 हजार 221 मृत किसान बकायेदारों ने 74 करोड़ 18 लाख 28 हजार रुपए का लोन लिया है।
65 फीसदी मृत किसानों के परिजनों ने इस योजना पर जताई है सहमति
दरअसल, राज्य सरकार की ओर से इस व्यय भार को वहन ना करने पर समिति और जिला सहकारी बैंक ने व्यय भार वहन करने का निर्णय लिया है। इसके तहत इस व्यय भार में से 60 फीसदी समिति और 40 फीसदी जिला सहकारी बैंक वहन करेगी। वहीं, सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि करीब 65 फीसदी मृत किसानों के परिजनों ने इस योजना पर सहमति जताई है। उत्तराखंड सरकार के इस निर्णय को अन्य राज्य भी अपने राज्य में लागू करना चाहते हैं, जिसके चलते इस निर्णय की कॉपी सभी राज्यों को भी भेजी जाएगी।