उत्तराखंड: चारधाम यात्रा पर मौसम का कहर, अप्रैल में ‘कुदरती ब्रेक’ से थमीं तैयारियां

त्तराखंड: उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इसी माह से शुरू हो रहीं हैं। जिसके लिए बेहद कम समय ही शेष बचा है। ऐसे में मौसम भी अपना कहर बरपा रहा है। उत्तराखंड में इस बार अप्रैल का महीना सामान्य के विपरीत ‘चुनौतियों का महीना’ साबित हो रहा है।

मौसम में बदलाव जारी

वहीं लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हो रही भारी बर्फबारी और बारिश ने चारधाम यात्रा की तैयारियों की रफ्तार धीमी कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस पर केदारनाथमंदिर परिसर और रास्तों पर बर्फ की मोटी चादर जमी है। लोक निर्माण विभाग को बर्फ हटाने में भारी दिक्कत आ रही है। ठंड के कारण पानी की पाइप लाइनें जाम हैं और संचार व्यवस्था भी प्रभावित है। इसके अलावा बदरीनाथ और औली समेत ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले 15 दिनों से मौसम खराब है। हेमकुंड साहिब मार्ग पर अभी भी 6 से 10 फीट तक बर्फ और ग्लेशियर मौजूद हैं। सेना का दल 15 अप्रैल से बर्फ हटाने का काम शुरू करेगा। यमुनोत्री में भी स्नान घाटों और पुल निर्माण का कार्य खराब मौसम की भेंट चढ़ रहा है।

मैदानों में बारिश, कुमाऊं में ओलावृष्टि
​मैदानी इलाकों में बारिश से पारा सामान्य से 5 डिग्री तक लुढ़क गया है। कुमाऊं के बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत में भारी ओलावृष्टि ने गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है।
अगले 24 घंटे का पूर्वानुमान
​मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश व 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। प्रशासन लगातार परिस्थितियों की मॉनीटरिंग कर रहा है ताकि यात्रा शुरू होने से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा सकें।