उत्तराखंड: शीतकालीन चारधाम दर्शन तीर्थ यात्रा शुरू, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं से किया यह खास आह्वान

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शीतकालीन के लिए बंद है। इसके साथ ही अब शीतकालीन चारधाम दर्शन तीर्थ यात्रा शुरू हो गई है।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ज्योतिष पीठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के नेतृत्व में शीतकालीन चारधाम दर्शन तीर्थ यात्रा का शुभारंभ हुआ। जो हरिद्वार के चंडीघाट से हुआ। इस मौके पर गंगा तट पर संपन्न महापूजा और महाआरती में हजारों भक्त शामिल हुए। साथ ही शीतकालीन यात्रा के शुभारंभ के साक्षी बने। साथ ही चंडीघाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि शीतकालीन चारधाम यात्रा देवभूमि के आध्यात्मिक दर्शन के साथ हिमालय के अनुपम सौंदर्य और पौराणिक संस्कृति के विराट स्वरूप से भी परिचित कराती है। उन्होंने देशभर के श्रद्धालुओं से शीतकाल में भी चारधाम यात्रा पर आने का आह्वान किया।

शीतकालीन यात्रा

इसके साथ ही शुक्रवार को यात्रा दल ने हरिद्वार से सुबह सात बजे यमुना के शीतकालीन पूजा स्थली खरसाली (खुशीमठ) के लिए प्रस्थान किया। खुशीमठ में यमुना के शीतकालीन विराजमान रूप में दर्शन होते हैं। जिसके बाद यात्रा गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा, केदारनाथ के शीतकालीन प्रवास स्थल उखीमठ और भगवान बदरीनाथ के शीतकालीन प्रवास स्थल पांड़केश्वर के दर्शन करेगी।