वक्फ संशोधन बिल बना कानून, लोकसभा, राज्यसभा में पास होने के बाद अब राष्ट्रपति से भी मिली मंजूरी, केंद्र तय करेगी लागू होने की तारिख

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। बीते बुधवार को केंद्र सरकार ने लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को पेश किया। लोकसभा से पास होने के बाद राज्यसभा से भी यह पारित हो गया। जिसके बाद अब इसे राष्ट्रपति से भी मंजूरी मिल गई है।

वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 बना कानून

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वक्फ संशोधन बिल 2025 लोकसभा से पास होने के बाद राज्यसभा से भी पारित हो गया। वक्फ संशोधन बिल (Waqf Bill) अब कानून बन गया है। संसद से पास होने के बाद वक्फ संशोधन बिल को राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। जिसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। सरकार ने एक अधिसूचना में कहा, ‘संसद से पारित वक्फ संशोधन अधिनियम को 5 अप्रैल, 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है और इसे सामान्य जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाता है: वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025।’ अब नए कानून को लागू करने की तारीख को लेकर केंद्र सरकार अलग से एक नोटिफिकेशन जारी करेगी।

कहीं थी यह बात

वह अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया था कि वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है और इसे धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए। इस बिल से एक भी मुस्लिम का नुकसान नहीं होगा। कहा इससे करोड़ों मुसलमानों का फायदा होने वाला है।

वक्फ का अर्थ

रिपोर्ट्स के मुताबिक  वक्फ बोर्ड अधिनियम-1954 में वक्फ बोर्ड को असीमित शक्तियां नहीं दी गई थीं। जिसमें 1995 में नरसिंह सरकार व 2013 में यूपीए सरकार में बोर्ड को असीमित शक्तियां दी गईं। अधिनियम में संशोधन किया गया कि बोर्ड किसी संपत्ति पर दावा कर दे तो यह उसकी संपत्ति मानी जाएगी। वक्फ अरबी भाषा का शब्द है। इसका मतलब है खुदा के नाम पर अर्पित वस्तु या परोपकार के लिए दिया गया धन। इसके दायरे में चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियां आती हैं। कोई भी मुस्लिम व्यक्ति पैसा, जमीन, मकान या कोई और कीमती चीज वक्फ को दान कर सकता है। इन संपत्तियों के रख-रखाव और उनका प्रबंधन करने के लिए स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक वक्फ निकाय हैं। वक्फ को दान में मिलने वाली जमीन, धन, मकान या फिर अन्य चीजों की देख रेख के लिए उनका खास प्रबंधन है। यह प्रबंधन राष्ट्र से लेकर स्थानीय दोनों स्तर पर होता है। वक्फ निकाय इन सभी दान चीजों का ध्यान रखता है।