वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट, गरीबी हटाने में भारत ने रचा इतिहास, 10 साल में भारत के 17 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से निकले बाहर, देखें

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट सामने आई है। जिसमे भारत की गरीबी उन्मूलन और रोजगार क्षेत्र में प्रगति देखी गई है।

विकासशील देश के लिए एक सकारात्मक संकेत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक जिसमें भारत ने 17 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। वर्ल्ड बैंक की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 2011 से 2022-23 के बीच 17.1 करोड़ लोगों को अत्यधिक गरीबी (2.15 डॉलर प्रतिदिन से कम खर्च करने वालों) से बाहर निकाला है। इस दौरान देश की अत्यधिक गरीबी दर 16.2% से घटकर मात्र 2.3% रह गई। इससे भारत न केवल लोअर-मिडल इनकम कैटेगरी में आया, बल्कि वैश्विक गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभरा। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी 18.4% से घटकर 2.8% और शहरी क्षेत्रों में 10.7% से घटकर 1.1% हो गई, जिससे ग्रामीण-शहरी अंतर केवल 1.7% रह गया है। 3.65 डॉलर प्रतिदिन के मापदंड पर, गरीबी दर 61.8% से गिरकर 28.1% हुई और 37.8 करोड़ लोग इससे बाहर निकले हैं। यह किसी भी विकासशील देश के लिए एक सकारात्मक संकेत भी है।

रोजगार की वृद्धि दर

इस प्रगति की वर्ल्ड बैंक ने सराहना की है। जो वैश्विक स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा भारत में रोजगार की वृद्धि दर अब देश की कार्यशील उम्र की जनसंख्या से भी तेज हुई है। 2021-22 से रोजगार वृद्धि की दर कार्यशील उम्र की आबादी से अधिक रही है। शहरी बेरोजगारी घटकर 7.8 फीसद से 6.6% (वित्तवर्ष 24-25 की पहली तिमाही) पर आई। जो 2017-18 के बाद सबसे कम है। महिलाओं की भागीदारी और स्वरोजगार मेंबढ़ोतरी हुई है। युवा बेरोजगारी दर अभी भी 13.3% बनी हुई है। वहीं उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं की 29% तक है।