10 जुलाई: गुरु पूर्णिमा आज,बन रहा यह दुर्लभ व शुभ संयोग, जानें विशेष महत्व

आज 10 जुलाई 2025 है। आज गुरु पूर्णिमा है। हिंदू धर्म में पूर्णिमा का बहुत महत्व होता है। इस दिन शुभ कार्य किया जाता है। इस साल आषाढ़ पूर्णिमा की तिथि 10 जुलाई को है।

बन रहा शुभ संयोग

इस बार गुरु पूर्णिमा काफी खास है। इस दिन इंद्र योग बन रहा है। इंद्र योग सुबह से लेकर रात 9 बजकर 38 के लगभग तक रहेगा। उसके बाद से वैधृति योग बनेगा। साथ ही भद्रा का भी असर रहेगा, लेकिन यह भद्रा पाताल लोक में रहने के कारण इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। वहीं इस बार गुरुवार के दिन ही गुरु पूर्णिमा मनाई जाएगी। गुरुवार और गुरु पूर्णिमा का संयोग अत्यंत दुर्लभ और अत्यधिक शुभ माना जाता है। इस बार गुरु पूर्णिमा गुरुवार को है। जो श्री हरि विष्णु का दिन होता है। ऐसे में इस बार गुरु पूर्णिमा पर शुभ संयोग बन रहा है। गुरु पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की पूजा और उपाय करने से लक्ष्मी नारायण की कृपा प्राप्त हो सकती है। 

जानें शुभ मुहूर्त

गुरु पूर्णिमा के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना गया है। अगर ऐसा संभव नहीं है, तो घर पर ही स्नान के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। स्नान के बाद दान करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। गुरु पूर्णिमा पर स्नान-दान का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:10 से सुबह 04:50 बजे तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 02:45 बजे से दोपहर 03:40 बजे तक रहेगा।

आषाढ़ गुरु पूर्णिमा का विशेष है महत्व

गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु महर्षि वेद व्यास जी के जन्म तिथि के अवसर पर मनाया जाता है। महर्षि व्यास जी ने हिंदू धर्म के चारों वेदों का ज्ञान दिया है। हिंदू परंपरा के अनुसार गुरु अपने शिष्यों को गलत मार्ग पर चलने से बचाते है। गुरु को भगवान से भी बढ़ा दर्जा दिया गया है। हिंदू धर्म में कुल पुराणों की संख्या 18 है और सभी के रचयिता महर्षि वेद व्यास जी हैं। आदि गुरु सह वेदों के रचयिता महर्षि वेद-व्यास का अवतरण आषाढ़ पूर्णिमा के दिन ही हुआ था। उन्होंने सभी पुराणों की भी रचना की है। इसलिए इस पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रुप में मनाते हैं। इस दिन सभी अपने-अपने गुरु की पूजा की जाती है। इस साल आषाढ़ पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई गुरुवार को है।