आज 17 मई 2025 है। आज विश्व हाइपरटेंशन दिवस है। जिसे हाई ब्लड प्रेशर भी कहते हैं। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस हर साल 17 मई को मनाया जाता है। जो एक वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य लोगों को उच्च रक्तचाप के महत्व के बारे में बताना, गंभीर चिकित्सा जटिलताओं के विकास में उच्च रक्तचाप के प्रभाव के बारे में जानकारी प्रदान करना और उच्च रक्तचाप के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
जानें इसके बारे में
हर साल यह दिवस 17 मई को मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत वर्ल्ड हाइपरटेंशन लीग (WHL) द्वारा 14 मई 2005 को की गई थी। आगे चलकर इस दिवस को 17 मई को मनाया जाने लगा। हर साल हाइपरटेंशन के बढ़ते मामलों को देखकर यह दिवस मनाया जाने लगा, जिससे लोगों में हाई बीपी की रोकथाम होने के साथ ही इसे बढ़ने से भी रोका जा सके।
ऐसे करें बचाव
इस दिन दुनियाभर में अलग-अलग जगहों पर सेमिनार और इवेंट्स आयोजित करके लोगों को हाइपरटेंशन के प्रति जागरूक किया जाता है। साथ ही लोगों को हाइपरटेंशन के कारण, लक्षण और इससे बचने के तरीकों के बारे में बताया जाता है। जिससे लोग अपना लाइफस्टाइल ठीक करके इस बीमारी से बचे रहें।
इसका मुख्य कारण
जिसमे तनाव के उच्च स्तर से रक्तचाप में अस्थायी वृद्धि हो सकती है। तनाव से संबंधित आदतें जैसे अधिक खाना, तंबाकू का सेवन या शराब पीना रक्तचाप में और वृद्धि का कारण बन सकता है। कुछ दीर्घकालिक स्थितियाँ: किडनी रोग, मधुमेह और स्लीप एपनिया कुछ ऐसी स्थितियाँ हैं जो उच्च रक्तचाप का कारण बन सकती हैं। उच्च रक्तचाप के कोई संकेत या लक्षण नहीं होते हैं। इसलिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाता इसे “साइलेंट किलर” कहते हैं। जब आपका रक्तचाप 180/120 mmHg या उससे अधिक होता है, तो आपको सिरदर्द, दिल की धड़कन तेज़ होना या नाक से खून आना जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। यह समय के साथ आपकी धमनियों को नुकसान पहुंचाता है और दिल का दौरा, आंखों की क्षति और स्ट्रोक जैसी गंभीर जटिलताओं को जन्म दे सकता है।