18 अगस्त: क्या आप जानते हैं भारत की इन जगहों पर आज 18 अगस्त को मनाया जाता है स्वतंत्रता दिवस, अंग्रेजों की एक गलती से हुई थी आजादी के जश्न में 03 दिन की देरी

आज 18 अगस्त 2025 है। आज भारत में कुछ जगहों में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।

15 अगस्त 1947 को देश ने एक नए युग में रखा था कदम

15 अगस्त 1947 को जब पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। तब देश ने एक नए युग में कदम रखा‌। यह दिन हमें उन जांबाज वीरों की याद दिलाता है जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के दो जिले ऐसे भी हैं, जहां स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को नहीं बल्कि दो दिन बाद यानी 18 अगस्त को मनाया जाता है? जी हां मालदा और नदिया में आज 18 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। यहां मनाया जाने वाला स्वतंत्रता दिवस इस बात का प्रतीक है कि आजादी की कहानी सिर्फ एक तारीख की नहीं, बल्कि संघर्ष, पहचान और अधिकार की कहानी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 17 अगस्त 1947 की रात को नक्शे में यह सुधार हुआ और 18 अगस्त 1947 को आधिकारिक रूप से मालदा और नदिया जिलों को भारत में शामिल कर लिया गया। इसी कारण, इन जिलों में आज भी 18 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

लोग 15 और 18 अगस्त दोनों ही दिन फहराते हैं राष्ट्रीय ध्वज

रिपोर्ट्स के मुताबिक दरअसल 15 अगस्त 1947 को पश्चिम बंगाल के नदिया और मालदा जिले आधिकारिक रूप से स्वतंत्र भारत का हिस्सा नहीं थे। इन्हें 18 अगस्त 1947 को पूर्णरूप से भारत में शामिल किया गया। अंग्रेज अफसर सिरिल रेडक्लिफ की एक चूक की वजह से पहली बार में गलत नक्शा बना दिया था। उन्होंने भारत के विभाजन के लिए मानचित्रों का सीमांकन करते हुए हिंदू बहुल जिले मालदा और नदिया पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) को सौंप दिए थे। 15 अगस्त को देश आजाद हुआ तो इन इलाकों में जश्न के बजाय विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। जिसके बाद आनन-फानन में माउंटबेटन ने बंगाल के भारत और पाकिस्तान के बीच विभाजन का फिर से आदेश दिया‌। इस आदेश के तहत हिंदू बहुल बंगाल के जिले को भारतीय क्षेत्र में लाया गया। वहीं, मुस्लिम बहुल जिलों को पूर्वी पाकिस्तान के हवाले कर दिया गया। यह सारी प्रक्रिया 17 अगस्त की रात में पूरी हुई थी।