आज 21 अगस्त 2025 है। आज मासिक शिवरात्रि है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए थे। इसलिए हर महीने की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह की मासिक शिवरात्रि आज 21 अगस्त को मनाई जाएगी। 21 अगस्त को मासिक शिवरात्रि के दिन गुरु पुष्य योग का संयोग बन रहा है। ज्योतिष में पुष्य नक्षत्र को बेहद शुभ माना गया है, उस पर गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र होना विशेष शुभ होता है। इस बार भाद्रपद महीने की मासिक शिवरात्रि के दिन गुरु पुष्य नक्षत्र है।
जानें शुभ मुहूर्त
हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 21 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 44 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 22 अगस्त 2025 को सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगी।
यह रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त
भगवान शिव की पूजा रात्रि के चारों प्रहर में की जाती है। पूजा करने का शुभ मुहूर्त- 21 अगस्त को देर रात 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।
जानें पूजन विधि
आज मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह स्नान करें। उसके बाद सफेद वस्त्र धारण करके शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और ‘ऊं नम: शिवाय’ का जाप करें। शिव पुराण में, मासिक शिवरात्रि में चारों पहर में भगवान शिव की पूजा अर्चना करने का विधान है। सुबह गंगाजल से, दोपहर में दूध से, शाम को दही और रात में शहद और गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। इस दिन व्रत करने वालों को शिव पुराण या शिवाष्टक का पाठ अवश्य करे। पूजा का समापन शिव आरती के साथ करें।