पर्वतीय क्षेत्र में कुमाऊनीं खड़ी होली की धूम आज गुरुवार चीर बंधन के साथ शुरू हो जाएगी। इस बार 8 मार्च को छलड़ी मनाई जाएगी। जबकि होलिका दहन 6 मार्च की रात में होगा।
राग फाग और रंग के इस पर्व को लेकर लोगों में खास उत्साह
अल्मोड़ा में कुमाउनी खड़ी होली का विशिष्ट स्थान है। राग फाग और रंग के इस पर्व को लेकर यहां के लोग खासे उत्साहित रहते हैं। यहां महिलाओं और पुरुषों की खड़ी होली गायन लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। हुड़के की थाप पर होल्यार होली गीतों की प्रस्तुति देते हैं। पुरोहित विनोद चंद्र जोशी ने बताया कि इस बार दो मार्च गुरुवार को एकादशी पर 2.40 से भद्रा शुरू हो जाएगी। इससे पहले चीर-ध्वज बंधन और रंग पड़ने के साथ पहाड़ों में होली पर्व की शुरुआत हो जाएगी। बताया कि छह मार्च को पूर्णिमा की रात होलिका दहन होगा। वहीं आठ मार्च को छरड़ी होगी।
सांस्कृतिक नगरी में बैठकी होली की धूम, जम रही महफिलें
इन दिनों नगर के कई स्थानों पर देर रात तक होली गायन की महफिलें जम रही है। इसमें शास्त्रीय रागों पर आधारित होली के गीतों का गायन किया जा रहा है। बुधवार देर शाम नगर के धारानौला में बैठकी होली का आयोजन किया गया। यहां होली गायकों ने शास्त्रीय रागों पर आधारित होली का गायन किया। होली गायकों ने राग भीम पलासी पर आधारित बंदिश मारो न मारो पिचकारी…, राग धमार, राग काफी, राग जंगला काफी, राग परज, राग बागेश्री, राग सहाना, राग विहाग, राग खम्माज, राग पीलू, राग देश आदि रागों से युक्त होली गीतों का गायन किया।
यहां उपस्थितगण
यहां वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल सनवाल, मनोज सनवाल, राघव पंत, चंद्रशेखर पांडे, अमरनाथ भट्ट, धीरेंद्र बहादुर, दिनेश पांडे, रूपेश जोशी, अरसत आदि रहे। इधर, बाड़ेछीना में भी बैठकी होली का आयोजन हुआ।