उत्तराखंड की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी बंद, हजारों की संख्या में विचारधीन कैदी शामिल

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड की सामान्य जेलों में उसकी क्षमता 3441 से दुगने से अधिक 6884 कैदी बंद है। इसमें 2111 सिद्ध दोष (सजायाफ्ता) बंदी तथा 4773 विचाराधीन कैदी शामिल है।

उपलब्ध रिपोर्ट में खुलासा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह खुलासा सूचना अधिकार के अन्तर्गत कारागार मुख्यालय द्वारा नदीम उद्दीन को उपलब्ध करायी गयी सूचना से हुआ। नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार क्षमता से सर्वाधिक अधिक 364 प्रतिशत कैदी 102 क्षमता वाली जिला कारागार अल्मोड़ा में 371 कैदी है। इसमें 273 विचाराधीन तथा 98 सजायाफ्ता कैदी बंद हैं। दूसरे स्थान पर क्षमता के 335 प्रतिशत कैदी 535 क्षमता वाली उपकारागार हल्द्वानी में 1792 कैदी है। इसमें 1610 विचाराधीन तथा 182 सजायाफ्ता कैदी है। तीसरे स्थान पर क्षमता के 286 प्रतिशत कैदी 71 क्षमता वाली जिला कारागार नैनीताल में 203 कैदी बंद है। इसमें 189 विचाराधीन 14 सजायाफ्ता शामिल हैं। चौथे स्थान पर क्षमता के 252 प्रतिशत कैदी 580 क्षमता वाली जिला कारागार देहरादून में 1463 कैदी बंद हैं। इसमें 1073 विचाराधीन तथा 390 सजायाफ्ता शामिल है। पांचवें स्थान पर क्षमता के 241 प्रतिशत कैदी 244 क्षमता वाली रूड़की उपकारागार में 588 कैदी बंद है जिसमें 558 विचाराधीन तथा 30 सजायाफ्ता शामिल है। छठे स्थान पर क्षमता के 157 प्रतिशत कैदी 150 क्षमता वाली जिला कारागार टिहरी में 236 कैदी बंद हैं जिसमें 168 विचाराधीन तथा 68 सजायाफ्ता शामिल है। सातवें स्थान पर क्षमता के 145 प्रतिशत कैदी 888 क्षमता वाली जिला कारागार हरिद्वार में 1291 कैदी बंद है इसमें 672 विचाराधीन 619 सजायाफ्ता शामिल है। आठवें स्थान पर क्षमता के 126 प्रतिशत कैदी 150 क्षमता वाली जिला कारागार पौड़ी में 189 कैदी बंद है जिसमें 131 विचाराधीन 58 सजायाफ्ता शामिल है। नवें स्थान पर क्षमता के 111 प्रतिशत कैदी 552 क्षमता वाली केन्द्रीय कारागार सितारगंज में 611 कैदी बंद हैं इसमें 14 विचाराधीन तथा 597 सजायाफ्ता कैदी बंद हैं।