अल्मोड़ा: विहान सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था द्वारा ‘क्रांतिकारी’ नाटक ‘अलख’ का प्रस्तुतीकरण किया गया

विहान सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था अल्मोड़ा
के द्वारा कल 21 दिसंबर को  अल्मोड़ा में स्थित रैमजे इंटर कॉलेज में एक क्रांतिकारी नाटक अलख का प्रस्तुतीकरण किया गया  । नाटक में क्रांतिकारियों का नाम भी प्रकाश में लाया गया ।क्रांतिकारी जैसे गंगाराम, खिमानंद, विक्टर मोहन जोशी, चिरंजी लाल वर्मा जैसे उल्लेखनीय नाम है ।
इन सभी क्रांतिकारियों ने  देश को आजाद करने में एक अहम भूमिका निभाई, जिसमें कई लोगों ने अपनी जान गवाई, कई लोगों का घर परिवार उजड़ गया कहीं गांव टूट गए तो कहीं अंग्रेजी सरकार ने छोटे-छोटे बच्चों पर जुल्म ढाए इन सभी को   नाटक  के माध्यम से प्रदर्शित किया गया ।

सल्ट क्रांति को प्रदर्शित किया गया

नाटक के माध्यम से बद्री दत्त पांडे के सरयू बगड़ बागेश्वर में उत्तरायणी कौतिक के अवसर पर कुली बेगारी आंदोलन को और विक्टर मोहन जोशी के 20 मई 1929 को म्युनिसिपार्टी बोर्ड कार्यालय जो की अब महिला चिकित्सालय अल्मोड़ा के नाम से जाना जाता है में झंडा रोहण, सरला बहन की अगुवाई में चनौदा आश्रम को बचाने के लिए अंग्रेजों से लड़ी गई लड़ाई एवं सल्ट क्रांति को प्रदर्शित किया गया ।

सभी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

नाटक की रचना नगर के वरिष्ठ रंगकर्मी कर्मी त्रिभुवन गिरी महाराज द्वारा की गयी ।  तथा निर्देशन नगर के वरिष्ठ रंगकर्मी नरेश बिष्ट द्वारा किया गया । संपूर्ण नाटक का संचालन नगर के वरिष्ठ रंगकर्मी एवं फिल्म मेकर भास्कर जोशी ने किया ।  नाटक में देवेंद्र भट्ट, संदीप नयाल, महेंद्र सिंह मेहरा, उमाशंकर, जयदीप पांडे, जगदीश तिवारी, नीरज डंगवाल, प्रदीप चंद्र, राकेश कुमार, ममता वाणी भट्ट, निशा मेहरा, दिव्या जोशी, श्वेता शर्मा, गरिमा, अमित बुधौरी, पंकज कुमार, भास्कर भौर्याल, संतोष कुमार, जानकी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।