अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा जिले में बढ़ती वनाग्नि की घटनाएं जहां एक ओर वनों को तबाह कर रहीं हैं वहीं दूसरी ओर मनुष्य के लिए भी खतरा बन रहीं हैं। जंगलों में आग लगने से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। कुछ अराजक तत्वों द्वारा जंगलों में आग लगाई जा रहीं हैं। जिसका दुष्प्रभाव लोगों को पर्यावरण पर पड़ रहा है। इससे वातावरण में धुंध भी छा रही है। इन घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने बेहद जरुरी है।
मरीजों की संख्या में इजाफा
मिली जानकारी के अनुसार वनाग्नि के धुएं से आंखों में जलन, सांस के मरीजों में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में बढ़ी संख्या में मरीज पंहुच रहें हैं। वहीं शुक्रवार को हुई 350 ओपीडी में से 10 से 15 मरीज सांस, आंख में जलन संबंधी रोगों के थे। वहीं धुएं से सांस के मरीजों की दिक्कत बढ़ रही है।
वनों को नुकसान
पिछले कुछ समय से उत्तराखंड के जंगलों में आग लगी हुई है और आग का विकराल रुप देखकर हर कोई चिंतित है। यह एक बड़ा चिंता का विषय भी है। जानकारी के अनुसार पिछले साल एक नवंबर से अब तक उत्तराखंड में वनाग्नि की 868 घटनाएं हुई हैं जिनमें 1000 हेक्टेअर से अधिक जंगल जल चुका है। इस जंगल की आग से राज्य के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। वहीं सरकार भी चिंतित है और इसपर काबू पाने के लिए हर संभव प्रयास में जुटी हैं।