अल्मोड़ा: धूमधाम से मनाया गया वीपीकेएएस का 101वां स्थापना दिवस, इन कृषकों को किया गया सम्मानित

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा में आज विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान का 101वां स्थापना दिवस है। जो बहुत ही धूमधाम से मनाया गया।

धूमधाम से मनाया गया स्थापना दिवस

जो हवालबाग स्थित संस्थान परिसर में आयोजित हुआ। स्थापना दिवस का शुभारंभ मुख्य अतिथि सदस्य नीति आयोग प्रो. रमेश चंद ने किया। उन्होंने कहा कि संस्थान की स्थापना जिस उद्देश्य के साथ पद्मभूशण प्रो. बोसी सेन ने की थी। यह उसे तत्परता से पूरा कर रहा है। सौ साल पूरे होने पर संस्थान को अपने अधिदेश को समय और जलवायु परिवर्तन के मुताबिक बदलने की जरूरत है। उत्तराखण्ड के वर्तमान परिदृश्य, भौगोलिक, वस्तुआधारित और चुनौतियों को ध्यान में रख कर भविष्य में शोध और विकास कार्य करने होंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक डॉ. देवेंद्र कुमार यादव ने फसल की किस्मों, लघु यंत्रों के विकास, रोग और कीट प्रबंधन तकनीकों पर व्याख्यान दिया। इसके अलावा अन्य जानकारियां दी गई।

इन्हें किया गया पुरस्कृत

साथ ही प्रगतिशील कृषकों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। जिसमें वरूण सुप्याल, अजित बिष्ट, ओमकार प्रताप, आनंद सिंह, रेनू सनवाल, आनंद सिंह, अभिनव सिंह, मनोज कुमार, सुंदर राम देवेंद्र सिंह कार्की और प्रगतिशील कृषकों हुकुम सिंह, राजेंद्र प्रसाद, सोनम वांगमो, निमा शेरिंग, अनिमेश सरकार, इकबाल हुसैन को भी पुरस्कृत किया गया।
 
प्रचार प्रपत्रों का हुआ विमोचन

विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के स्थापना दिवस पर हिन्दी पत्रिका हरीतिमा, कम्पेंन्डियम अल्मोड़ा डिक्लेरेशन, धान जननद्रव्य पर आधारित ई-बुक और विभिन्न फसलों की वैज्ञानिक खेती, कृषि यंत्रों आदि पर आधारित 17 प्रसार प्रपत्रों का विमोचन हुआ। संस्थान की ओर से विकसित वीएल मधुरिमा और वीएल मंडुवा 408 प्रजातियों, संस्थान के यू-ट्यूब चैनेल कृषि ज्ञान मंच का लोकार्पण किया गया।

रहें उपस्थित

जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील नौटियाल, रामकृष्ण कुटीर के अध्यक्ष स्वामी ध्रुवेशानंद, निवर्तमान पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. जेसी भट्ट, डॉ. आशीष कुमार सिंह, डॉ. संथिया, डॉ. निर्मल कुमार हेडाऊ, डॉ. एससी पांडे, डॉ. गोविंद सिंह बिष्ट, चंदन सिंह कनवाल, गोपाल सिंह, राम सिंह आदि लोग उपस्थित रहें।