अल्मोड़ा: निर्मला फर्त्याल ने पेश की स्वरोजगार की नई मिसाल, मधुमक्खी पालन से बनी आत्मनिर्भर, महिलाओं को भी दे रहीं रोजगार

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा जिले की हवालबाग ब्लॉक के कनालबुंगा गांव निवासी निर्मला फर्त्याल जो स्वरोजगार की नई मिसाल पेश कर रही है।

महिलाओं को भी दिया रोजगार

वह खुद आत्मनिर्भर हुई और 60 से अधिक महिलाओं को भी रोजगार दिया। जानकारी के अनुसार निर्मला ने कोरोना काल में दिल्ली से लौटकर गांव में रहकर स्वरोजगार की राह चुनी। जो आज मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में एक मिसाल पेश कर रही है। इस संबंध में निर्मला फर्त्याल ने बताया कि उन्होंने कोरोना काल में महज तीन मधुमक्खी बक्सों से इस कार्य की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे मेहनत और प्रशिक्षण के बल पर उन्होंने इसे बढ़ाकर 350 बक्सों तक पहुंचाया। उन्होंने हल्द्वानी और जीबी पंत पर्यावरण संस्थान से दो सप्ताह का प्रशिक्षण लिया और उद्यान विभाग से सात लाख रुपये का ऋण लेकर इस व्यवसाय को शुरू किया।

किया गया है सम्मानित

उन्होंने बताया कि अप्रैल से जून के बीच पांच क्विंटल तक शहद का उत्पादन होता है, जिससे सालाना लगभग छह से सात लाख रुपये की आमदनी होती है। इस व्यवसाय से उन्होंने 60 से अधिक महिलाओं को भी जोड़ा है। उनके पति नारायण फर्त्याल भी उनका सहयोग करते हैं। इसके अलावा वह राज्यपाल, सीएम और स्टार्टअप इंडिया से सम्मानित कर चुके हैं।