नैनीताल से जुड़ी खबर सामने आई है। नैनीताल जिले में आवारा कुत्तों, बंदर व लंगूरों के आतंक के बाद यहां के लोग अब चूहों से परेशान हैं।
अब तक इतने मामले आए सामने
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मिली जानकारी के अनुसार महिला पिछले दस माह में चूहे 41 लोगों को काट चुके है। इसके अलावा यह चूहे जमीन को खोखला करने के साथ भूस्खलन का भी कारण बन रहे हैं। इस संबंध में विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस बढ़ती समस्या पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो यह बड़े भूस्खलन के साथ ही लोगों में बुखार, एलेर्जी, रेबीज जैसी बीमारी व प्लेग जैसी महामारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
चूहों का बढ़ता आतंक
रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां चूहों ने जनवरी से अब तक 41 लोगों को काटा हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डा. एमएस दुग्ताल ने बताया कि चूहे के काटने पर अन्य जानवरों के काटने जैसा ही इलाज दिया जाता है। जिसमें मरीज को टिटनेस व एंटी रेबीज टीके लगाए जाते है। चूहे के काटने से काटे हुए स्थान पर एलर्जी, तेज बुखार आने जैसे लक्षण दिखाई देते है। यदि चूहा रैबीज संक्रमित हुआ तो रैबीज और प्लेग जैसी समस्या भी बढ़ने का खतरा रहता है। बताया कि खाद्य अपशिष्ट का बेहतर प्रबंधन, ईको फ्रेंडली कीटनाशक प्रयोग कर चूहों की बढ़ती आबादी पर नियंत्रण पाया जा सकता है।