उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में द लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी (एलयूसीसी) में निवेश करके लोगों के साथ बड़ी ठगी हुई है।
पीड़ितों का छलका दर्द
भविष्य के सपनों को लेकर लोगों ने निवेश किया। जिसमें किसी ने बेटी की शादी के लिए हर महीने किस्त जमा की, कुछ नया घर बनाना चाहते थे। कोई जमीन खरीदना चाहता था। कुछ ने बुढ़ापे में आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए पैसे दिए। कुछ ने अपने परिजन और रिश्तेदारों को भी जोड़ा। देखते ही देखते उनका निवेश हजारों से बढ़कर लाखों रुपये तक पहुंच गया। बाद में दिन-रात मेहनत करके जमा की गई रकम खोई और उन्हें जीवनभर का जख्म मिल गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हालांकि अब इस मामले में सीबीआई जांच से पीड़ित लोगों इंसाफ की उम्मीद जगी है। दरअसल शुरू में अच्छा रिटर्न मिलने पर निवेशक भरोसा करते गए। जिसमें सैकड़ों लोग तो ऐसे थे, जो खुद अपने लाखों रुपये निवेश करने के साथ इसके एजेंट बन गए। ठगी का पता चलने के बाद लोगों ने अपनी रकम पाने के लिए पहले जिलास्तर और देहरादून आकर मुख्यमंत्री आवास तक कूच किया। हजारों लोगों के दबाव को देखते हुए एसआईटी गठित की गई। इसकी कमान एसएसपी पौड़ी को सौंपी गई। यह मामला अब सीबीआई के पास है।
आरोपी फरार
रिपोर्ट्स के मुताबिक एलयूसीसी के मालिक समीर अग्रवाल ने वर्ष 2017 में उत्तराखंड में कदम रखा था। जिसमें पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर 2018 में ऋषिकेश क्षेत्र में उसने पहली शाखा खोली। यहां लोगों का भरोसा जीता और पौड़ी, सीमांत जिले चमोली और फिर कुमाऊं तक पहुंच गया। उत्तराखंड में छह साल के भीतर नौ जिलों में एलयूसीसी की 37 शाखाएं खोली गईं। अधिकांश शाखाएं गढ़वाल मंडल में थीं। इसके बाद में ठगी का सबसे बड़ा खेल करके आरोपी फरार हो गया।
सीबीआई जांच जारी
इस घपले की जांच सीबीआई को सौंपते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं। जांच में सीबीआई को पूरी तरह सहयोग करें। साथ ही इससे राज्य सरकार को इससे जुड़े दस्तावेज जल्द सीबीआई को सौंपने होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक सीबीआई में दर्ज केस में 46 आरोपियों की सूची में बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ शामिल हैं। दोनों कभी एलयूसीसी कंपनी के ब्रांड एंबेसडर थे। अब दोनों को ही सीबीआई के सामने पेश होना पड़ सकता है। दरअसल ठगी करने के मकसद से आरोपितों ने पीड़ितों को बताया कि सोसाइटी भारत सरकार के अधीन पंजीकृत संस्था है, जिसके ब्रांड एंबेस्डर फिल्म अभिनेता आलोक नाथ व श्रेयस तलपड़े हैं। आरोपितों के झांसे में आकर पीड़ितों ने करोड़ों रुपये का निवेश कर दिया।