उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शीतकाल के लिए बंद है। इसी बीच बद्रीनाथ धाम से जुड़ी जरूरी जानकारी सामने आई है।
बसंत पंचमी में तय होगी तिथि
जिसमें धाम के कपाट खोलने की तिथि को लेकर जानकारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस यात्रा वर्ष बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि परंपरा के अनुसार 23 जनवरी वसंत पंचमी (माघ माह पंचमी तिथि 10 गते) को नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राज दरबार में तय होगी। इस संबंध में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि कपाट खुलने की तिथि तय करने और आगामी चारधाम यात्रा के मद्देनजर बीकेटीसी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिसमें नरेंद्रनगर स्थित टिहरी राजमहल में 23 जनवरी को सुबह 10:30 बजे से बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने के लिए धार्मिक समारोह शुरू होगा। इसमें इस यात्रा वर्ष बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाएगी।
खास है मान्यता
बद्रीनाथ धाम उत्तराखंड के चमोली जिले में, अलकनंदा नदी के किनारे लगभग 3,133 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। मंदिर का निर्माण 7वीं से 9वीं शताब्दी के मध्य में हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह भगवान विष्णु को समर्पित एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है, जिसे अलकनंदा नदी के तट पर बसाया गया है। मान्यता है कि यहाँ भगवान विष्णु की मूर्ति स्वयं प्रकट हुई थी, जिसे आदि शंकराचार्य ने अलकनंदा नदी से निकालकर स्थापित किया था। यहाँ शीतकाल में मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं और एक अखंड ज्योति जलती रहती है, जो वसंत ऋतु में फिर से खुलने पर अखंड रहती है। माना जाता है कि बद्रीनाथ धाम धरती का बैकुंठ लोक है, जहाँ साक्षात श्री हरि निवास करते हैं।