अल्मोड़ा: वनाग्नि रोकने को वन विभाग और ग्रामीणों ने मिलाया हाथ, ताड़ीखेत में विशेष प्रशिक्षण संपन्न

​अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। गर्मी के सीजन की आहट के साथ ही जंगलों को आग से सुरक्षित रखने के लिए अल्मोड़ा वन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी क्रम में आज रानीखेत वन क्षेत्र के अंतर्गत मॉडल क्रू स्टेशन ताड़ीखेत में ‘हिमालयन इंवोरिमेंट लाइवलिहुड प्रमोशन सोसाइटी’ के सहयोग से एक दिवसीय क्षमता विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

सामूहिक भागीदारी से थमेगी जंगलों की आग

​उपप्रभागीय वनाधिकारी (SDO) रानीखेत की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल वन विभाग के कार्मिकों, बल्कि स्थानीय जन समुदाय को भी वनाग्नि प्रबंधन के गुर सिखाए गए। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने वनाग्नि के कारणों, पर्यावरण और वन्यजीवों पर पड़ने वाले इसके विनाशकारी प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की कि वनाग्नि की किसी भी घटना की सूचना तत्काल विभाग को दें ताकि समय रहते नुकसान को कम किया जा सके।फायर वाचरों और स्थानीय लोगों को आग बुझाने के आधुनिक उपकरणों और पारंपरिक तरीकों के सामंजस्य के बारे में बताया गया। वनाग्नि रोकने में ग्राम प्रधानों और वन पंचायत सदस्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।

इनकी रही सहभागिता

​कार्यक्रम में रानीखेत के वन क्षेत्राधिकारी सहित विभाग के समस्त कर्मचारी, फायर वाचर, ग्राम प्रधान, वन पंचायत सदस्य, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे वनाग्नि नियंत्रण में विभाग का पूर्ण सहयोग करेंगे।