उत्तराखंड: स्कूलों में गूंजेगी हिंदू शासकों की शौर्यगाथा, 33 प्रतापी राजाओं का इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल

उत्तराखंड: उत्तराखंड के माध्यमिक विद्यालयों में खास पहल की गई है। अब इतिहास का पन्ना केवल तारीखों और युद्धों तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य के छात्र अब देश के 26 महान हिंदू सम्राटों और उत्तराखंड के 7 वीर राजाओं के गौरवशाली इतिहास, उनके कुशल नेतृत्व और राष्ट्रबोध की गाथाएं पढ़ेंगे।

खास पहल की शुरुआत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों में प्रेरणा, कर्तव्यनिष्ठा और चरित्र निर्माण के उद्देश्य से इन शासकों की सूची तैयार कर पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है।

इन महान विभूतियों के बारे में पढ़ेंगे छात्र

​शिक्षा विभाग द्वारा सूचीबद्ध किए गए कुछ प्रमुख शासक और उनका योगदान इस प्रकार है।
प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के महानायक:
• ​बिंदुसार: मौर्य साम्राज्य का विस्तार कर दक्षिण भारत तक हिंदू प्रभुत्व और सुदृढ़ प्रशासन की नींव रखी।
• ​समुद्रगुप्त: ‘भारत के नेपोलियन’ के रूप में विख्यात, जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं पर विजय प्राप्त की।
• ​विक्रमादित्य एवं स्कंदगुप्त: शक और हूण आक्रांताओं का समूल नाश कर गुप्त साम्राज्य को स्वर्णयुग बनाया।
• ​ललितादित्य मुक्तापीड: कश्मीर के वे शक्तिशाली राजा जिन्होंने मध्य एशिया तक अपनी विजय पताका लहराई।
• ​राज चोल: समुद्री विजय के महानायक, जिन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया तक भारतीय प्रभाव फैलाया।

स्वतंत्रता और स्वाभिमान के प्रतीक

• ​महाराणा प्रताप: हल्दीघाटी के युद्ध में अदम्य साहस दिखाने वाले वह योद्धा जो कभी अकबर के सामने नहीं झुके।
• ​छत्रपति शिवाजी महाराज: ‘हिंदवी स्वराज्य’ के संस्थापक और गुरिल्ला युद्ध नीति के महान रणनीतिकार।
• ​हेमचंद्र विक्रमादित्य (हेमू): 22 युद्धों के विजेता और दिल्ली की गद्दी पर बैठने वाले अंतिम हिंदू सम्राट।
• ​संभाजी एवं राजाराम महाराज: मुगलों की भीषण यातनाओं के बावजूद धर्म और राष्ट्र के लिए अडिग रहने वाले मराठा शासक।

उत्तराखंड के सात महान राजाओं को विशेष स्थान दिया है। इसमें शामिल हैं

• ​गढ़वाल से: वासुदेव, कनकपाल, राजा अजयपाल और राजा प्रद्युम्न शाह।
• ​कुमाऊं से: सोमचंद, राजा बाज बहादुर चंद और राजा ज्ञानचंद।
• ​सूची में राजा हरि सिंह का नाम भी प्रमुखता से शामिल है।