उत्तराखंड: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) की ताजा रिपोर्ट ‘लैंडस्केप्स रीकनेक्टेड’ ने एक मिसाल पेश की है।
दिखी यह प्रजातियां
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे पर बने अंडरपास अब वन्यजीवों की पहली पसंद बन गए हैं। 18 किमी लंबे हिस्से (गणेशपुर से आशारोड़ी) पर 150 हाई-टेक कैमरों की मदद से 40 दिनों तक निगरानी की गई। जिसमें कुल 1.11 लाख तस्वीरों में से 40,444 तस्वीरें 18 विशिष्ट वन्य प्रजातियों की मिलीं, जो इन अंडरपास का उपयोग कर रही हैं।अध्ययन में हाथियों द्वारा 60 बार इन गलियारों का सफलतापूर्वक उपयोग करने के प्रमाण मिले हैं। इसके अलावा गोल्डन जैकाल (सबसे अधिक), नीलगाय, सांभर, चित्तीदार हिरण और बाघ जैसे जानवर अब बिना किसी डर के सड़क पार कर रहे हैं।
तकनीक और प्रभाव
एशिया के इस सबसे बड़े वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर की ऊंचाई 6 से 7 मीटर रखी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, ध्वनि प्रबंधन के कारण हाथी और हिरण जैसे संवेदनशील जानवर भी अब सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।