उत्तराखंड में हीट वेव का खतरा, अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग, अस्पतालों में बनेंगे ‘विशेष हीटस्ट्रोक कक्ष’

उत्तराखंड: उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे पारे और भीषण गर्मी के दृष्टिगत राज्य का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। इसके तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के कड़े रुख के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने राज्यभर में गर्मी से जनित बीमारियों की रोकथाम और उपचार के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

दिए यह निर्देश

​मौसम विभाग द्वारा सामान्य से अधिक तापमान की आशंका जताए जाने के बाद, एनएचएम ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को एक विस्तृत गाइडलाइन और एडवाइजरी जारी की है। जानकारी के अनुसार इसमें अस्पतालों की आपातकालीन तैयारियों, दवाओं की उपलब्धता और संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिसमें स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी जिला और उप-जिला अस्पतालों में विशेष हीटस्ट्रोक कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इन कक्षों में मरीजों को तुरंत राहत देने के लिए प्रभावी कूलिंग सिस्टम (एसी/कूलर) और पर्याप्त वेंटिलेशन, आइस पैक और ठंडे आईवी फ्लूइड (IV Fluids) की चौबीसों घंटे उपलब्धता व पर्याप्त मात्रा में ओआरएस (ORS), इलेक्ट्रोलाइट्स और जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध होंगी।

स्कूलों में वाटर बेल की व्यवस्था

इसके अलावा बढ़ती गर्मी को देखते हुए शिक्षा विभाग भी हरकत में आ गया है। शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी स्कूलों में ‘वाटर बेल’ व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत छात्रों को एक तय समय पर अनिवार्य रूप से पानी पीने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।