अल्मोड़ा: अल्मोड़ाशहर के बीचों-बीच स्थित और निरंतर वाहनों के दबाव से जूझने वाली रानीधारा रोड इस समय स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बनी हुई है।
की यह मांग
सड़क पर सुरक्षा रेलिंग न होने और बीच सड़क पर गलत तरीके से बनाए गए आर्चनुमा कांजवे के कारण यहाँ रोज हादसे की आशंका बनी रहती है। व्यापक जनहित के इस गंभीर मामले को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता कवीन्द्र पन्त ने जिलाधिकारी, मेयर और नगर आयुक्त को पुनः स्मरण पत्र भेजकर इस पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ता कवीन्द्र पन्त द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रानीधारा रोड बेहद संकरी है और शहर का एक महत्वपूर्ण लिंक मार्ग होने के कारण यहाँ चौबीसों घंटे वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। मुख्य रूप से दो बड़े मुद्दे जनता की परेशानी का कारण बने हुए हैं। जिसमें रानीधारा नौले के ठीक सामने बीच सड़क पर बेहद गलत तरीके से एक आर्चनुमा कांजवे का निर्माण कर दिया गया है। इसकी ऊंचाई और बनावट ऐसी है कि यहाँ से गुजरने वाली छोटी कारों के चैंबर और बंपर लगातार टकराकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इतना ही नहीं, दोपहिया वाहन (स्कूटर/मोटर साइकिल) भी इस पर आकर असंतुलित हो रहे हैं, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं। वहीं संकरी सड़क होने के साथ ही इसके नीचे की तरफ काफी गहरी खाई है। सड़क किनारे सुरक्षा के लिए रेलिंग न होने के कारण वाहन चालकों को हमेशा गहरी खाई में गिरने का डर सताता रहता है। रात के समय यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है। रानीधारा रोड की शुरुआत जहाँ से होती है (धार की तूनी), वहाँ सड़क निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदारों/कर्मियों ने एक ऊंची देहरीनुमा बाधा बना दी है। इसके कारण दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में मेयर से वार्ता के बाद नगर निगम के जेई (JE) ने मौका मुआयना भी किया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
एक साल से शासन-प्रशासन के चक्कर काट रही फाइल
अधिवक्ता कवीन्द्र पन्त ने कहा कि सर्वप्रथम 11 अप्रैल 2025 को ही जिलाधिकारी और मेयर (नगर निगम अल्मोड़ा) को इस संबंध में एक अनुरोध पत्र सौंपा था। एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने अब पुनः मोर्चा संभाला है। बताया कि 21 मई 2026 को मेयर और नगर आयुक्त को पुनः पत्र भेजकर पूर्व में की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है। 22 मई 2026 को जिलाधिकारी अल्मोड़ा को रिमाइंडर (स्मरण पत्र) भेजकर जनहित में तुरंत कदम उठाने की अपील की है। इसके साथ ही इस पूरे प्रकरण को सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर भी दर्ज कराया जा चुका है।