देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। भारतीय सुरक्षा बलों की जांबाज बेटियों ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर एक नया इतिहास रच दिया है।
गृह मंत्री ने दी बधाई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीमा सुरक्षा बल (BSF) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) दोनों ही बलों की पहली महिला पर्वतारोही टीमों ने बेहद कठिन परिस्थितियों को पार कर एवरेस्ट पर फतह हासिल की है। इस ऐतिहासिक दोहरी सफलता पर गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों टीमों को बधाई दी और इसे महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा उदाहरण बताया।
BSF की ‘मिशन वंदे मातरम’ टीम की उपलब्धि
सीमा सुरक्षा बल (BSF) की पहली महिला पर्वतारोही टीम ने ‘मिशन वंदे मातरम’ के तहत गुरुवार सुबह ठीक 8:00 बजे एवरेस्ट की चोटी पर कदम रखा। इस साहसी दल में लद्दाख की कांस्टेबल कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की मुनमुन घोष, उत्तराखंड की रबेका सिंह और कारगिल की कांस्टेबल त्सेरिंग चोरोल शामिल थीं। BSF के अनुसार, जहां ऑक्सीजन की भारी कमी होती है और सीधा खड़ा होना भी नामुमकिन सा लगता है, वहां इन महिला प्रहरियों ने एक सुर में ‘वंदे मातरम’ का नारा बुलंद किया। यह मिशन 6 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली से रवाना हुआ था।
ITBP की पहली अंतरराष्ट्रीय महिला टीम का भी ‘महा-अभियान’ सफल
BSF के साथ-साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की बेटियों ने भी एवरेस्ट पर अपनी जीत का परचम लहराया है। ITBP के इतिहास में पहली बार किसी महिला अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण टीम ने इस दुर्गम अभियान को पूरा किया है। आईटीबीपी के अनुसार 14 सदस्यीय दल में 11 महिला पर्वतारोही और तीन तकनीकी एवं सहयोगी सदस्य शामिल थे। टीम ने नेपाल की ओर से साउथ कोल रूट के जरिए 21 मई को माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी की। पहली टीम ने रात 12:52 बजे शिखर पर पहुंचकर सफलता हासिल की, जबकि बाद में सभी 11 महिला पर्वतारोही एवरेस्ट के शिखर तक पहुंचने में सफल रहीं। आईटीबीपी की पहली महिला टीम ने 21 मई 2026 को साउथ कोल रूट के जरिए माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) फतह किया। सुबह 6:52 बजे पहली सफलता मिली और सभी 11 महिला पर्वतारोही शिखर तक पहुंचीं। यह भारत के लिए गर्व का पल है।