उत्तराखंड: सनातन संस्कृति, योग और आधुनिक शिक्षा के वैश्विक विस्तार में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। पतंजलि योगपीठ और इंडोनेशिया के एकमात्र हिंदू विश्वविद्यालय, यूनिवर्सिटी हिंदू नेगरी (UHN) के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण की अगुवाई में हुआ यह समझौता बाली की धरती पर सनातन और योग के वैभव को पुनर्जीवित करने में मील का पत्थर साबित होगा। जिसमें दोनों विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए ‘स्ट्रेट सेशन’ (सीधे सत्र), योग प्रतिस्पर्धाओं और संयुक्त अनुसंधान पर सहमति बनी है। इस अवसर पर पतंजलि की साध्वी बहनों ने भजनों की और इंडोनेशियाई कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य व योग की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दोनों देशों की साझी विरासत को जीवंत किया।
राजकीय अतिथि बने आचार्य बालकृष्ण
इंडोनेशिया प्रवास के दौरान आचार्य बालकृष्ण को राजकीय अतिथि का सम्मान दिया गया। बाली प्रांत के विधानसभा अध्यक्ष देवा माडे महायज्ञ और भारतीय परंपरा के विधायक डॉ. सोमवीर ने पतंजलि की टीम का भव्य स्वागत किया। विधानसभा अध्यक्ष ने पतंजलि के उच्च गुणवत्तायुक्त उत्पादों और वैश्विक विकास मॉडल की जमकर सराहना की। उन्होंने पतंजलि के साथ मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में काम करने की इच्छा जताई और जल्द ही पतंजलि योगपीठ (हरिद्वार) आने का निमंत्रण स्वीकार किया। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि जल्द ही इंडोनेशिया में योग, आयुर्वेद, शिक्षा, चिकित्सा और कृषि को नवाचार (Innovation) के माध्यम से उन्नत बनाएगा, जिससे वहां के युवाओं को रोजगार भी सुलभ होगा।