अल्मोड़ा: कांगो और युगांडा में इबोला वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अल्मोड़ा में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
जिस पर संभावित खतरे के दृष्टिगत जनपद के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को विशेष सतर्कता बरतने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार राहत की बात यह है कि जिले में अभी तक इबोला संक्रमण का कोई भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। संक्रमण की आशंका वाले मामलों की जांच और निगरानी के लिए बेस अस्पताल स्थित माइक्रोबायोलॉजी लैब को भी अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इबोला वायरस हवा के माध्यम से नहीं फैलता है। यह संक्रमित व्यक्ति के रक्त, शारीरिक तरल पदार्थों अथवा संक्रमित वस्तुओं के सीधे संपर्क में आने से फैलता है।
जाने इबोला के लक्षण
विशेषज्ञों के अनुसार, इबोला वायरस एक बेहद गंभीर और जानलेवा संक्रामक बीमारी है, जो हेमोरेजिक फीवर (रक्तस्रावी बुखार) का कारण बनती है। इसमें मृत्यु दर 50 प्रतिशत या उससे अधिक तक हो सकती है। इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं।
• अचानक तेज बुखार और अत्यधिक कमजोरी
• मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश
• खांसी, उल्टी और दस्त होना
• त्वचा पर चकत्ते पड़ना
• गंभीर मामलों में शरीर के आंतरिक और बाहरी हिस्सों से रक्तस्राव होना