अल्मोड़ा: जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर नगरखान नामक स्थान पर आज ‘पर्वतीय कृषि रक्षा समिति’ की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
बैठक का आयोजन
इस बैठक में क्षेत्र की कृषि, शिक्षा, सड़क, पेयजल और वन सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं पर चर्चा की गई और प्रस्ताव पारित किए गए। जिसमें समिति ने निर्णय लिया है कि इन मांगों को लेकर अगले सप्ताह एक शिष्टमंडल जिलाधिकारी अल्मोड़ा से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपेगा। बैठक में सरकार के ‘खेत बचाओ अभियान’ का स्वागत किया गया। समिति ने मांग की कि योजना के अंतर्गत पूर्व में भेजे गए प्रस्तावों के अनुसार खेती योग्य भूमि की तारबाड़ (Fencing) के लिए तुरंत बजट आवंटित किया जाए। इसके साथ ही, गांवों और खेतों के बीच उग आई ‘कुरी’ व अन्य हानिकारक झाड़ियों को हटाने के लिए भी धन आवंटन की मांग उठाई गई।
की मांग
समिति के सदस्यों ने पर्वतीय क्षेत्रों में बाहरी लोगों द्वारा कृषि भूमि की अंधाधुंध खरीद और जमीन को लीज पर दिए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर इस तरह की जमीनी खरीद-फरोख्त पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। बैठक में क्षेत्र की बदहाल शिक्षा और सड़क व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। सदस्यों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि राजकीय इंटर कॉलेज नगरखान एकमात्र ऐसा विद्यालय है जो अपनी स्थापना के 40 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक भवनहीन है। इसके भवन निर्माण की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई। इसके अलावा मनिआगर-नगरखान सड़क खस्ताहाल हो चुकी है। इस सड़क के शीघ्र जीर्णोद्धार की मांग की गई ताकि स्थानीय लोगों को आवाजाही में राहत मिल सके। साथ ही बढ़ते जल संकट को देखते हुए क्षेत्र में तत्काल हैंडपंप लगाने और वर्षा जल संग्रहण के उपाय करने की मांग की गई। इसके अलावा, जंगलों को आग से बचाने के लिए ‘लीसा गड़ान पद्धति’ में बदलाव करने, जंगलों में फायर लाइन काटने और निरंतर निगरानी व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही गई।
रहे मौजूद
इसी बैठक में मुख्य रूप से ब्रह्मानन्द डालाकोटी, के.डी. मिश्रा, देवनाथ गोस्वामी, शिवदत्त पांडे, थान सिंह, खीम सिंह बगड्वाल, दौलत सिंह बगड्वाल, सुरेश जोशी, हेम मिश्रा और नवीन डालाकोटी सहित कई ग्रामीण व समिति सदस्य उपस्थित रहे।