उत्तराखंड: उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षक बनने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है। राज्य में डीएलएड (D.El.Ed) प्रवेश परीक्षा को वर्ष में दो बार आयोजित करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
इस प्रस्ताव पर विचार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पर अंतिम निर्णय लेने से पहले शिक्षा विभाग अन्य राज्यों की परीक्षा व्यवस्था का गहन अध्ययन करेगा। इसके बाद ही सरकार को अंतिम कैबिनेट प्रस्ताव भेजा जाएगा। देशभर में प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए डीएलएड की अनिवार्यता के बाद राज्य सरकार प्रशिक्षित युवाओं की संख्या बढ़ाने पर फोकस कर रही है। वर्तमान स्थिति देखी जाएं तो प्रदेश के सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) में वर्तमान में केवल 50-50 सीटें ही निर्धारित हैं। इस व्यवस्था के चलते प्रतिवर्ष महज 650 अभ्यर्थी ही डीएलएड का प्रशिक्षण पूरा कर पाते हैं। राज्य में हर साल 1,000 से अधिक प्राथमिक शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे स्कूलों में रिक्त पदों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। भविष्य में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए विभाग प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की संख्या को सीधे दोगुनी करने की योजना पर काम कर रहा है।