उत्तराखंड: उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा जारी है। देश दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की यहां धामों में भीड़ उमड़ रही है। इसी बीच श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने तीर्थस्थलों की पवित्रता और आर्थिक प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
सख्त दिशा निर्देश जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक समिति ने अपने अधीन आने वाले सभी मंदिरों में होने वाली कमाई, दान और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में बीते गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को कड़े आदेश जारी किए गए हैं। जिसमें BKTC के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रंगर ने बद्रीनाथ और केदारनाथ सहित समिति के सभी छोटे-बड़े मंदिरों के स्टाफ को कड़ी चेतावनी दी है। यह निर्देश विशेष रूप से दान-चढ़ावा काउंटिंग सेंटर, अकाउंट्स ब्रांच, ट्रेजरी, गेस्ट हाउस और पूजा काउंटरों पर तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए हैं। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब मंदिर के खजाने और दान पेटियों की निगरानी पहले से कहीं अधिक कड़ी कर दी गई है।
लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
रिपोर्ट्स के मुताबिक CEO ने स्पष्ट किया है कि दान में प्राप्त नकदी या अन्य सामग्रियों को संभालने में रत्ती भर भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु श्रद्धापूर्वक बाबा के चरणों में दान अर्पित करते हैं। मंदिर समिति का मानना है कि इस चढ़ावे का सही हिसाब-किताब रखना और पूरी ईमानदारी सुनिश्चित करना न केवल समिति की नैतिक जिम्मेदारी है, बल्कि श्रद्धालुओं के अटूट भरोसे को बनाए रखने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।