अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में ‘सेवा, सुशासन और समर्पण’ के संकल्प के साथ आज शनिवार को ‘सेवा पखवाड़े’ का भव्य शुभारंभ हुआ।
दी यह जानकारी
बताया कि 4 जुलाई से 18 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष अभियान के पहले दिन मल्ला महल में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में भारी जनसैलाब उमड़ा। इस शिविर में कुल 971 लाभार्थियों ने विभिन्न सरकारी सेवाओं का सीधा लाभ उठाया। इस मौके पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से सेवाएं पहुँचाना है। शिविर में प्रशासन ने स्वयं आमजन के द्वार तक पहुँचकर योजनाओं का लाभ दिया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 11 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए। बाल विकास विभाग ने दो माताओं को ‘महालक्ष्मी किट’ दी और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत 30 बालिकाओं का नि:शुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण किया।
रक्तदान का आयोजन
शिविर में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में 6 लोगों ने रक्तदान कर समाज सेवा का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया।स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ [आधार कार्ड] पंजीकरण एवं अद्यतन सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में लोग स्टॉलों पर पहुंचे।
मुख्यमंत्री का संबोधन
कार्यक्रम के दौरान देहरादून (ऋषिकेश) में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड को ‘श्रेष्ठ राज्य’ बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अब योजनाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, सरकार खुद उनके द्वार तक पहुँचकर सेवा भाव से काम कर रही है।
युवाओं के लिए करियर काउंसलिंग का आयोजन
शिविर का एक अन्य आकर्षण विद्यार्थियों के लिए आयोजित ‘करियर काउंसलिंग सत्र’ रहा, जहाँ विशेषज्ञों और नवचयनित अधिकारियों ने युवाओं को सफलता के मंत्र दिए। वहीं, स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। योग प्रदर्शन के जरिए स्वस्थ जीवनशैली का संदेश भी दिया गया।
रहें मौजूद
इस अवसर पर मेयर अजय वर्मा, दायित्वधारी मंत्री गंगा बिष्ट, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।