अल्मोड़ा: उत्तराखंड के सांस्कृतिक गौरव और आस्था के प्रतीक ‘ऐतिहासिक मां नंदा देवी महोत्सव’ की तैयारियां जोरों शोरों से शुरू हो गई हैं।
दी कार्यक्रम की जानकारी
इस वर्ष यह भव्य आयोजन 15 सितंबर से 23 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। मेला समिति के अनुसार, महोत्सव के दौरान 19 सितंबर को नंदाष्टमी का मुख्य पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। उत्सव का समापन 23 सितंबर को मां नंदा देवी की पारंपरिक शोभायात्रा के साथ होगा। इस वर्ष महोत्सव में एक विशेष आकर्षण मां नंदा देवी के लिए तैयार किया गया नया और आकर्षक डोला होगा, जिसे के.सी. बाबा (राजा साहब) के सहयोग से निर्मित किया गया है।
संस्कृति को बढ़ावा
मुख्य संयोजक तारा जोशी ने बताया कि इस बार मेले में कुमाऊं के पारंपरिक वाद्य यंत्रों की सामूहिक प्रस्तुति दी जाएगी, जिसका उद्देश्य स्थानीय संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाना और उसे बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, ‘मंदिर माला परियोजना’ के तहत मंदिर परिसर को नया और भव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है, जिसके लिए समिति ने राज्य सरकार का विशेष आभार व्यक्त किया है। मेला समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा ने जानकारी दी कि वे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से महोत्सव का उद्घाटन कराने के लिए प्रयासरत हैं। साथ ही, समिति ने नंदाष्टमी के पावन अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की उम्मीद जताई है। मेला समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस ऐतिहासिक महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर मां नंदा का आशीर्वाद लेने की अपील की है।