अल्मोड़ा: राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 45वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विकासखण्ड हवालबाग के ज्योली स्थित गौ-सदन परिसर में एक विशेष वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन
जिसमें नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधन इकाई के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम को सामाजिक विकास एवं प्रबन्ध समिति तथा हिमारोग्यम सहकारी समिति का संयुक्त सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के दौरान नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक गिरीश पंत ने संस्था के पिछले 45 वर्षों के गौरवशाली सफर और कृषि व ग्रामीण विकास में दिए गए योगदान से सभी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नाबार्ड केवल एक वित्तीय संस्था के रूप में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने वाली अग्रणी संस्था के रूप में कार्य कर रहा है। देश को स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि और FPO जैसी महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी योजनाएं नाबार्ड ने ही दी हैं। उन्होंने नाबार्ड की इस विकास यात्रा में सहभागी रहे राज्य सरकार, ग्रामीण बैंकों, जिला सहकारी बैंकों, वैज्ञानिक संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और कृषकों का विशेष रूप से धन्यवाद किया।
यह रहें मुख्य अतिथि
मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक विजय आर्य, गोविंद बल्लभ पंत हिमालयी पर्यावरण संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सतीश आर्य, डॉ. ए.के. साहनी, डॉ. के.एस. कनवाल, अल्मोड़ा जिला सहकारी बैंक के प्रबंधक पवन बिष्ट और सामाजिक विकास एवं प्रबंध संस्थान के अध्यक्ष शंभु जोशी उपस्थित रहे।
सम्मान समारोह का आयोजन
महिला किसानों का सम्मान: वर्ष 2026 को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ के रूप में मनाए जाने के दृष्टिगत, गौ-सदन में समर्पित भाव से कार्य कर रही महिला कर्मियों— आशा और शोभा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन के अवसर पर गौ-सदन की भूमि पर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के अंत में गौ-सदन के मुख्य संचालक दया कृष्ण कांडपाल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों और सदस्यों का हार्दिक आभार जताया।