अल्मोड़ा/रानीखेत: गोविंद सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय, रानीखेत में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया।
दिए जरूरी निर्देश
इस दौरान उन्होंने ओपीडी, आपातकालीन कक्ष, दवा भंडार, प्लास्टर रूम और विभिन्न वार्डों का जायजा लिया तथा मरीजों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में जल्द से जल्द डायलिसिस सेवा शुरू की जाए, ताकि रानीखेत व आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों के मरीजों को दूर के अस्पतालों में न जाना पड़े। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियाँ शीघ्र पूरी कर डायलिसिस सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए। अस्पताल की खराब पड़ी डिजिटल एक्स-रे मशीन को तत्काल ठीक कराकर संचालित करने का आदेश दिया गया, ताकि जांच के लिए मरीजों को भटकना न पड़े। साथ ही परिसर में संचालित जन औषधि केंद्र को नियमित चलाने और अस्पताल में पेयजल व साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश दिए। मरीजों के उपचार संबंधी इतिहास (मेडिकल हिस्ट्री) को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि
अनावश्यक रेफरल से बचते हुए मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर और समयबद्ध उपचार दिया जाए। सभी चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी मरीजों और उनके परिजनों के प्रति संवेदनशील, सहानुभूतिपूर्ण एवं मानवीय व्यवहार अपनाएं।
मरीजों से लिया फीडबैक
निरीक्षण के दौरान डीएम ने जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों और पीडियाट्रिक एनआईसीयू वार्ड में बच्चों के स्वास्थ्य का हाल जाना। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा फीडबैक लिया और अस्पताल में व्हीलचेयर तथा स्ट्रेचर की उपलब्धता की भी जांच की।
रहें उपस्थित
इस दौरान जॉइंट मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. राजेश कुमार वर्मा सहित अस्पताल के चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।