नैनीताल: चुनाव में खलल डालने का प्लान, नैनीताल पुलिस ने कर दिया फेल

​हल्द्वानी (नैनीताल): एमबीपीजी (MBPG) कॉलेज हल्द्वानी में 29 सितंबर 2026 को आयोजित छात्रसंघ चुनाव के दौरान नैनीताल पुलिस की सतर्कता और सटीक इनपुट के आधार पर एक बड़ी घटना टल गई। जिसमें पुलिस ने माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रहे बहुचर्चित ITI गैंग के सरगना देवेन्द्र सिंह बिष्ट और धानमिल गैंग के सदस्य शिवम बिष्ट समेत करीब 10-12 अन्य अराजक तत्वों को हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस समयबद्ध निरोधात्मक कार्रवाई के चलते चुनाव शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सका।

​जानें क्या था मामला

​जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए अलग-अलग गैंग्स से जुड़े आपराधिक तत्व प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को डराने-धमकाने की फिराक में हैं। इनपुट के अनुसार, ITI गैंग के सदस्य एक प्रत्याशी के कैंप व चुनाव कार्यालय में पहुंचकर समर्थकों और संयोजकों के साथ मारपीट कर हिंसा भड़काने की योजना बना रहे थे। प्राप्त इनपुट को गंभीरता से लेते हुए नैनीताल पुलिस ने सुबह से ही संवेदनशील इलाकों और कॉलेज परिसर के आसपास पैनी निगरानी रखी। इस दौरान कॉलेज के आसपास घूम रहे ITI गैंग के सरगना देवेन्द्र सिंह बिष्ट और अन्य सदस्यों को पुलिस ने मौके से ही हिरासत में ले लिया।
​किया गिरफ्तार

1.  ​देवेन्द्र सिंह बिष्ट (ITI गैंग का सरगना):
◦  ​उम्र: 29 वर्ष | निवासी: छड़ायल सुयाल, कुसुमखेड़ा (थाना मुखानी, नैनीताल)।
◦ ​आपराधिक इतिहास: थाना हल्द्वानी में मारपीट, गाली-गलौज, सरकारी कार्य में बाधा, जानलेवा हमला (बलवा) और गैंगस्टर एक्ट जैसे कुल 6 गंभीर मामले दर्ज हैं।
2.  ​शिवम बिष्ट (धानमिल गैंग):
◦ ​निवासी: धानमिल, बरेली रोड (कोतवाली हल्द्वानी, नैनीताल)।
◦ ​आपराधिक इतिहास: इसके विरुद्ध बलवा करने का मामला दर्ज है।
3.  ​महेन्द्र सिंह उर्फ सोनू धनेला:
◦  ​उम्र: 29 वर्ष | निवासी: पीठोली (थाना मुक्तेश्वर, नैनीताल)।
◦  ​आपराधिक इतिहास: यह थाना मुक्तेश्वर का हिस्ट्रीशीटर है और इसके खिलाफ जानलेवा हमला, शस्त्र अधिनियम, आबकारी अधिनियम और मारपीट समेत कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं।
4.  ​निखिल सोनकर:
◦  ​उम्र: 29 वर्ष | निवासी: गांधीनगर (थाना बनभूलपुरा, नैनीताल)।
◦ ​आपराधिक इतिहास: इसके खिलाफ मारपीट के 2 मामले पंजीकृत हैं।
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दी कड़ी चेतावनी

​नैनीताल पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, पूरे चुनाव के दौरान संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद, हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों को भविष्य में किसी भी प्रकार की अराजकता या आपराधिक गतिविधि में शामिल न होने की कड़ी वैधानिक चेतावनी देते हुए छोड़ दिया गया।