अल्मोड़ा: शिक्षा विभाग का सख्त एक्शन, फर्जी सर्टिफिकेट से शिक्षक बने 3 मास्टर हुए बर्खास्त, दर्ज होगी एफआईआर

​अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है।

शिक्षा विभाग की कार्यवाही

मिली जानकारी के मुताबिक विकास खंड भैसियाछाना के तीन प्राथमिक विद्यालयों में फर्जी शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET-1) प्रमाण पत्र के माध्यम से नौकरी पाने वाले तीन सहायक अध्यापकों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। विभाग अब इनके खिलाफ विधिक (कानूनी) कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) कार्यालय अल्मोड़ा द्वारा जारी भर्ती प्रक्रिया के तहत तीन अभ्यर्थियों का चयन हुआ था, जिन्हें जनवरी 2026 में नियुक्ति दी गई थी।
• ​भूपेंद्र कुमार (निवासी पिथौरागढ़) – राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुनखेत नवीन
• ​अंजना ग्वासीकोटी (निवासी पिथौरागढ़) – प्राथमिक विद्यालय बौड़ा
• ​प्रियांशु चंद (निवासी नैनीताल) – राजकीय प्राथमिक विद्यालय बूढ़ाधौर

विधिक कार्रवाई प्रस्तावित की

​नियुक्ति के बाद जब उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद से दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया, तो बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। बोर्ड की मूल सारणीयन पंजिका में तीनों अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक (Roll Numbers) का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं था। जांच में पाया गया कि परिषद ने ये रोल नंबर कभी जारी ही नहीं किए थे और प्रमाण पत्रों पर लगे QR Code भी पूरी तरह जाली थे। वहीं 14 जुलाई 2026 को विभागीय जांच समिति ने आरोप सही पाए, जिसके बाद तीनों शिक्षकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया। नोटिस के जवाब में आरोपी शिक्षक कोई वैध साक्ष्य या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बजाय उन्होंने पारिवारिक परिस्थितियों व बीमारी का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया। साक्ष्य न मिलने पर विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए तीनों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं।
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