नैनीताल: सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर एक नाबालिग लड़की को अपने जाल में फंसाने, उससे जुड़े मामले और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज एक मुकदमे में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायालय/पॉक्सो कोर्ट, नैनीताल ने विचारण के बाद आरोपी को आरोपों से बरी कर दिया है। अभियुक्त की ओर से विद्वान अधिवक्ता हेमा सुयाल ने पैरवी की।
जानें क्या था पूरा मामला
शिकायत के अनुसार, नैनीताल जिले के तल्लीताल थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में आरोप लगाया गया था कि हल्द्वानी निवासी निर्मल कुमार उर्फ हैप्पी (उम्र करीब 23 वर्ष) की पहचान इंस्टाग्राम के जरिए एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से हुई थी। आरोप था कि 1 जनवरी 2025 को आरोपी ने किशोरी को हल्द्वानी बुलाकर एक होटल में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और उसका वीडियो बना लिया। शिकायतकर्ता (किशोरी की माता) का यह भी आरोप था कि इसके बाद आरोपी उस वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा, फर्जी आईडी से अवांछित मैसेज भेजे और 22 मई 2025 को हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन के पास जनता के सामने गाली-गलौज व मारपीट की।
अदालत का फैसला
इस मामले में तल्लीताल थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो अधिनियम के तहत एफआईआर (FIR No. 0029/2025) दर्ज की गई थी। इसके बाद मामला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट में विचाराधीन था।
अदालत में चली कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद, 14 अक्टूबर 2026 को दिए गए फैसले में अदालत ने मामले का निस्तारण करते हुए आरोपी निर्मल कुमार उर्फ हैप्पी को इस मामले से बरी कर दिया है।