उत्तराखंड: महिला की हत्या कर शव जंगल में फेंका, आजीवन कारावास की हुई सजा

नैनीताल: गणाई गंगोली निवासी महिला की हत्या के मामले में हाईकोर्ट ने आरोपियों को सजा सुनाई है। मामला जुलाई 2016 का है। मृतक महिला के भाई ने तहरीर में बताया कि जोगा राम उर्फ जग्गू पुत्र मोहन राम निवासी दुपरौली थाना बेड़ीनाग और मोहन राम पुत्र गोसाई राम निवासी ग्राम बना तहसील कांडा उसकी बहन मूल निवासी गणाई गंगोली तब काठगोदाम में रह रही महिला को घुमाने के बहाने कालाढूंगी, काशीपुर ले गए थे। हल्द्वानी की ओर वापस लौटते समय दोनों अभियुक्तों ने महिला के साथ छेड़खानी कर शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया। जिस पर महिला ने विरोध जताया तो दोनों ने उसकी हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया।

यह मिली सजा

शनिवार को न्यायालय में दोनों अभियुक्त जोगा राम और मोहन राम की सजा को लेकर सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने दोनों अभियुक्तों को अधिक से अधिक सजा व अर्थदंड देने की मांग की। शर्मा ने न्यायालय को बताया कि मृतका के दो नाबालिग बेटे हैं। शर्मा ने न्यायालय से मांग की कि उनकी परवरिश के लिए धारा 357 के तहत उन्हें प्रतिकर धनराशि भी दिलाई जाए। इस पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। साथ ही शव छिपाने के अपराध में दोनों को तीन-तीन वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। साथ ही प्रतिकर धनराशि दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।