बागेश्वर: जिले की पर्यावरणीय योजना के संबंध में डीएम की अध्यक्षता में एक दिन की कार्यशाला संपन्न

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर सभी जिलों की पर्यावरणीय योजना बनाई जाएगी इस संबंध में  दिनांक 27 अगस्त  शनिवार को बागेश्वर के जिला सभागार कार्यालय में डीएम रीना जोशी की अध्यक्षता में एक दिन की कार्यशाला संपन्न हुई इसमें जिले के डीएफओ हिमांशु बागरी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।

एनजीटी के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों की पर्यावरण की योजना बनाई जानी है

कार्यशाला में गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल अल्मोड़ा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ जे सी कुनियाल ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों की पर्यावरण की योजना बनाई जानी है । जिसके तहत ठोस, प्लास्टिक , बायो मेडिकल एवं अन्य वेस्ट का प्रबंधन भविष्य में वैज्ञानिक तरीके से कैसे किया जाए इस इस पर प्रत्येक जिले की एक पर्यावरणीय योजना तैयार होनी है जोकि ड्राफ्ट के रूप में संपूर्ण हो चुकी है।

जिले में 83 अमृत सरोवर बनाए जाने हैं

जिलाधिकारी रीना जोशी ने बताया कि जिले में ठोस एवं बायोमेडिकल कचरा का प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से करने के लिए पर्यावरण मित्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और सफलता पूर्वक निस्तारण किया जाएगा उसके लिए भविष्य में जिले में इंसीनरेटर प्लांट लगाने पर भी बात हुई। एवं भविष्य में जिले में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं एयर मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने से संबंधित भी चर्चा हुई  और जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 83 अमृत सरोवर बनाए जाने हैं जिसके तहत 32 अमृत सरोवर का कार्य संपूर्ण हो चुका है और साथ ही साथ बागेश्वर की झिरौली में जो खनन भूमि है वहां पर भी प्लांटेशन किया गया है ।

जिले की पर्यावरण योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा

वैज्ञानिक डॉ जे सी कुनियाल जी ने बताया कि गीले कचरे का माइक्रोबियल कंपोस्टिंग के माध्यम से हम कैसे खाद बना सकते हैं उसके बारे में भी उन्होंने विस्तृत रूप से जानकारी दी। जल्द ही चर्चा किए गए बिंदुओं को बागेश्वर की जिला पर्यावरण योजना में  सम्मिलित करने के बाद जिले की पर्यावरण योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

बागेश्वर जिला की पर्यावरणीय योजना बहुत महत्वपूर्ण

जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के निदेशक प्रोफेसर सुनील नौटियाल ने भी वर्चुअली यह संदेश दिया  कि बागेश्वर जिले की पर्यावरणीय योजना हर दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है । अगर बात करें हिमालय की दृष्टि से तो यहां से विश्व प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर, सुंदर डूंगा ,एवं कंफनी ग्लेशियर के लिए ट्रैक शुरू होता है तो भविष्य में हम यहां पर कैसे प्लास्टिक कचरे को कम करें  जिससे कि यहां के ग्लेशियरों पर इसका प्रभाव कम रहे और जिले का पर्यावरण संतुलन बना रहे इसके लिए यह बागेश्वर जिला की पर्यावरणीय योजना बहुत महत्वपूर्ण होगी ।