अल्मोड़ा: अल्मोड़ाक्षेत्र में नालों के निर्माण और मरम्मत कार्य में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर स्थानीय पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा है।
कहीं यह बात
जिस पर आज पार्षदों के एक शिष्टमंडल ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता (EE/एक्शन) मोहन सिंह रावत और जूनियर इंजीनियर (JE) जीवेस वर्मा से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान पार्षदों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सीधे और गंभीर आरोप लगाए। पार्षदों ने कहा कि पिछले 7 से 8 महीने बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में नालों की स्थिति बदहाल है। कुछ नालों का निर्माण कार्य तो अभी तक शुरू भी नहीं किया गया है। जिन नालों पर काम लगा भी था, उन्हें अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे स्थानीय जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
5 से 7 दिन का अल्टीमेटम
पार्षदों के शिष्टमंडल ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में 5 से 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। पार्षदों का कहना है कि अगर तय समय के भीतर नालों का काम धरातल पर शुरू नहीं हुआ, तो समस्त पार्षदों द्वारा विभाग के खिलाफ एक बड़ा और उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। कहा कि हम जनता के प्रति जवाबदेह हैं। पिछले कई महीनों से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। अगर एक हफ्ते के भीतर काम शुरू नहीं हुआ तो हम सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
जिलाधिकारी से भी की जा चुकी है शिकायत
पार्षदों ने बताया कि सिंचाई विभाग के नालों की इस बदहाली और सुस्त रफ़्तार के संबंध में वे पहले भी कई बार जिलाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंप चुके हैं। इसके बावजूद सिंचाई विभाग के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है।
रहे शामिल
इस मौके पर मुख्य रूप से पार्षद अंजू बिष्ट, विजय भट्ट, वैभव पांडे, राहुल जोशी, कुलदीप मेर और गीता बिष्ट सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल रहे।