अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में गरीबी रेखा से नीचे के राशन कार्ड बनने बंद, गरीब व्यक्ति परेशान

जिलेभर में लाल और सफेद राशन कार्ड नहीं बनने से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार परेशान हैं। आवेदक कार्ड बनवाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लग रही है।

जिले में लंबित हैं आठ हजार गरीबी रेखा से नीचे के कार्ड

अल्मोड़ा जिले में करीब आठ हजार से अधिक सफेद कार्ड लंबित हैं, हालांकि अंत्योदय योजना के तहत कोई भी कार्ड लंबित प्रक्रिया में नहीं है। लोगों को सस्ती दरों पर राशन उपलब्ध कराने के लिए राशन कार्ड बनाए जाते हैं। राशन कार्ड परिवार की हैसियत के हिसाब से बनता है। जिस परिवार की जितनी कमाई होती है उसे उसी तरह का राशन कार्ड दिया जाता है।

दोनों तरह के राशन कार्ड नहीं बनने से आम लोग परेशान

अल्मोड़ा में सफेद और लाल राशन कार्ड विधानसभा चुनाव से पहले ही बनना बंद हो गये हैं। इसके कारण राशन कार्ड बनवाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राशन कार्ड के अभाव में लोगों को बाजार से महंगी दरों पर खाद्यान्न खरीदना पड़ रहा है।

सफेद और लाल राशन कार्ड के लाभ

सफेद व लाल राशन कार्ड उन परिवारों के लिए है, जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते है। सफेद राशन कार्ड वाले परिवारों को प्रत्येक कार्ड में प्रतिमाह 2 किलो गेहूं, 2 रुपये प्रति किलो की दर से और 3 किलो चावल, 3 रुपये प्रति किलो की दर से प्रति यूनिट दिया जाता है।
वहीं अंत्योदय योजना के तहत लाभार्थी का लाल रंग का कार्ड बनाया जाता है। इसके तहत प्रत्येक कार्ड में प्रतिमाह 13.300 ग्राम गेहूं 2 रुपये प्रति किलो की दर से और 21.700 ग्राम चावल 3 रुपये प्रति किलो की दर से दिया जाता है।

वास्तव में गरीब व्यक्तियों को मिले सरकार की योजना का लाभ- अभय साह

सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता के प्रदेश संयोजक अभय साह का कहना है की, जो वास्तव में गरीब व्यक्ति है उन लोगों के वास्तव में गरीब कार्ड नहीं बने हुए हैं। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।उन्होंने सरकार से निवेदन किया है कि सर्वप्रथम उन गरीब लोगों के कार्ड बनाये जाए जिन्हें वास्तव में सरकार की इस योजना की अत्यन्त आवश्यकता है, तभी इस योजना का लाभ है।