अल्मोड़ा: ग्रामीण विकास की जमीनी हकीकत परखने उतरी अंतरराष्ट्रीय टीम (IFAD), सराहे महिलाओं के प्रयास

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में सहायक प्रबन्धक रीप संदीप सिंह ने बताया कि बीते कल शनिवार को जनपद में ग्राम्य विकास समिति अन्तर्गत संचालित ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना की प्रगति का आकलन करने के लिए अंतराष्ट्रीय कृषि विकास कोष की टीम द्वारा विभिन्न परियोजना गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण एवं मध्यवधि समीक्षा की गई।

हथकरघा से तैयार किये जा रहे शॉल, स्टॉल आदि की सराहना की

इस समीक्षा के दौरान टीम ने इकाईयों का दौरा कर व्यवस्थाओं, संचालन और लाभार्थियों को मिल रहे लाभों का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण कार्यक्रम में अंतराष्ट्रीय कृषि विकास कोष की टीम सदस्य आयुरजाना, पुंतसागदावा, विनय तुली के साथ परियोजना के उप आयुक्त नरेश कुमार तथा अनुश्रवण एवं मूल्यांकन प्रबन्धक श्री विनय गुणवन्त शामिल रहें। टीम ने जनपद में संचालित विभिन्न सामुदायिक एवं आजीविका आधारित गतिविधियों का अवलोकन किया। टीम द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए क्वारब के समीप चौसली में स्थापित वे साइड इट्रीज अन्तर्गत गायत्री स्वयं सहायता समूह, पतलिया का निरीक्षण किया गया। टीम द्वारा समूह सदस्या से उद्यम की जानकारी प्राप्त की गई तथा समूह द्वारा तैयार मडुवा मोमो एवं काफी का स्वाद लिया गया। साथ समूह द्वारा किये जा रहे कार्याे की प्रशंसा की गई। इसके उपरान्त ग्राम भल्यूड़ा में विकास उत्पादक समूह पीजी के सामुदायिक कृषि उद्यम का निरीक्षण किया गया। जहाँ समूह सदस्यों द्वारा परियोजना के माध्यम से उद्यम स्थापना के पश्चात प्राप्त लाभों की जानकारी साझा की गई। डीनापानी, हवालबाग में स्थापित हिमाद्री हैण्डलूम का निरीक्षण किया गया। जिसमें महिलाओं द्वारा हथकरघा से तैयार किये जा रहे शॉल, स्टॉल आदि की सराहना की गई।

दी यह जानकारी

विकासखण्ड लमगड़ा में संगठन स्तर पर संचालित इन्टरप्राइजेज-जेन्स सलून, सिलाई इकाई का निरीक्षण किया गया। सिलाई इकाई का संचालन कर रही किरन बिष्ट द्वारा सीता स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ मिलकर सिलाई का कार्य किया जा रहा है जिसमें स्कूलों द्वारा दिये गये आर्डर पर यूर्नीफॉम तैयार की जाती है। महिलाओं के द्वारा किये गये सराहनीय कार्यों की टीम द्वारा प्रसांशा की गई एवं भविष्य में भी बेहतर कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। इसके उपरान्त मशरूम एण्ड एग्रो प्रोसेसिंग प्रोडक्स एवं महिलाओं द्वारा चलाये जा रहे पिंक ई-रिक्शा का निरीक्षण किया गया। जिसकी समस्त टीम द्वारा सराहना की गई। इस दौरान परियोजना के संचालन, लाभार्थियों की भागीदारी रोजगार सृजन और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने संबंधित इकाइयों में उपलब्ध सुविधाओं, उत्पादन प्रक्रिया एवं विपणन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के माध्यम से महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में आए बदलाव को भी समझा। अधिकारियों ने विभिन्न समूहों से बातचीत कर जाना कि किस प्रकार परियोजना के माध्यम से स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है। निरीक्षण के उपरान्त विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समूह द्वारा संचालित गतिविधियों वित्तीय प्रबन्धन, स्वरोजगार कार्यक्रमों और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों की जानकारी साझा की गई। महिला सदस्यों ने परियोजना से जुड़ने के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आजीविका गतिविधियों के माध्यम से उनकी आय में वृद्धि हुई है। और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। टीम ने महिला स्वयं सहायता समूहों की कार्यप्रणाली और उनके प्रयासों की सराहना की तथा महिलाओं को भविष्य में और बेहतर कार्य करने, नए स्वरोजगार अवसर विकसित करने तथा समूह गतिविधियों को मजबूत बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएँ ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

रहें मौजूद

इस दौरान जिला परियोजना प्रबन्धक, अल्मोड़ा हरीश चन्द्र तिवारी, जिला परियोजना प्रबन्धक, नैनीताल राजेश मठपाल सहायक प्रबन्धक, समस्त सहायक प्रबन्धक, रीप एवं यंग प्रोफेशनल सहित संबंधित विकासखण्डों की टीम के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।