अल्मोड़ा: अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को रिसर्च के लिए पहली बार मिला मानव शव

सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान मेडिकल कॉलेज को रिसर्च के लिए पहला मानव शव मिल गया है। बीते 31 जुलाई को महिला का शव कॉलेज पहुंचा। शव मिलने पर रिसर्च कार्यों में गति मिलने की उम्मीद भी जग गई है। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि नैनीताल जिले की रहने वाली महिला ने अपना शव मेडिकल कॉलेज को दान किया है।

नैनीताल निवासी 75 वर्षीय लता साह ने किया था दान

लंबे इंतजार के बाद बीते जनवरी माह में मेडिकल कॉलेज को एनएमसी की मान्यता मिली थी। 100 सीटों पर मान्यता मिलने के बाद कॉलेज में 99 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। दरअसल मेडिकल कालेज में डाक्टरी की शिक्षा प्राप्त कर रहे एमबीबीएस के छात्रों को शोध के लिए जरूरी संसाधनों की आवश्यकता रहती है। प्राचार्य ने बताया कि तल्लीताल जिला नैनीताल निवासी लता साह (75) पुत्री स्व. बसंत लाल साह हृदय रोग से ग्रस्त थी। जिनका हल्द्वानी में ही एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। उन्होंने अपने शव को मेडिकल कालेज दान करने का मन बनाया। 30 जुलाई को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया कि मानकों के अनुसार उनका शव एसटीएच हल्द्वानी को दिया जाना था। लेकिन अल्मोड़ा कालेज ने एसटीएच प्रशासन से वार्ता की। इसके लिए मृतक की बहन दीपा साह और भांजा स्पनिल साह ने भी अनापत्ति शपथ पत्र दिया है।

डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा की अपील

डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज ने कहा कि रिसर्च के लिए शव मिलने से शोधार्थियों को लाभ होगा। लोगों से अपील है कि वो अपना शव दान करें, जिससे की एक अच्छे डाक्टर मेडिकल कॉलेज से निकल सके।